नई दिल्ली.रोहिणी जिला अदालत ने अपने अहम आदेश में खुद माना है कि मामले का मुख्य अभियुक्त गोपाल कांडा एक बेहद प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख वाला शख्स है। इस वजह से केस की जांच भी प्रभावित रही। यहां तक की अदालत ने गीतिका की मां अनुराधा शर्मा की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई मौत और सह आरोपी चनशिवरूप के बीच में ही अमेरिका भाग जाने को लेकर कांडा के रसूख को उल्लेखित किया है। अदालत ने केस की जांच में पुलिस पर भी ढिलाई बरतने की बात कही।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके सरवरिया ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को निर्देश दिए हैं कि चनशिवरूप को जल्द पकड़कर वापस भारत लाया जाए। न्यायाधीश ने अपने आदेश में आगे कहा, ‘गोपाल कांडा एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति है। वह हरियाणा का गृहमंत्री रहा और राज्य पुलिस के कामकाज उसके अधीन थी।
इस वजह से केस की तफ्तीश सही प्रकार से नहीं हो पाई और सह आरोपी चनशिवरूप सीआरपीसी की धारा 164 के तहत इकबालिया बयान देने के बावजूद अमेरिका भाग निकला। जांच एजेंसी ने उसे पकड़कर वापस लाने को लेकर भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। ये सभी तथ्य आशंका जाहिर करते हैं कि कांडा आपराधिक न्याय प्रशासन को प्रभावित करता रहा।