नई दिल्ली. मोदी सरकार ने फाइल चलने से पहले सभी जरूरी बातों को ई-मेल से ही तय करने का निश्चय किया है। सौ दिन पूरे होने पर की गई दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की प्रेस कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक सरकार ई-मेल को संवाद का प्राथमिक जरिया बनाने वाली है। यानी जब तक किसी विषय पर कोई फाइल बनेगी और दफ्तरों तक पहुंचेगी, उससे पहले सरकार के वरिष्ठ अधिकारी आपस में ई-मेल के जरिए ही उस पर अपना निर्णय कर चुके होंगे। यही नहीं, यह ई-मेल सरकारी होगा। इसके लिए एनआईसी मेल का उपयोग किया जाएगा। सभी सरकारी दफ्तरों से अगले साल मार्च तक जी-मेल और याहू के प्रचलन को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। सरकार ने मार्च 2015 तक सभी सरकारी दफ्तरों में सरकारी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जी-मेल और याहू के साथ अन्य सभी निजी मेल सेवाएं बंद करने का फैसला कर लिया है।
साइबर निगरानी के लिए केंद्र
प्रसाद ने कहा कि साइबर हमलों से बचने और विभिन्न तरह की साइबर घटनाओं की निगरानी के लिए सरकार 800 करोड़ रुपए की लागत से एक राष्ट्रीय साइबर निगरानी केंद्र भी बनाने वाली है।
यह भी बताया प्रसाद ने :
- मप्र में दो इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास अक्टूबर में होगा।
- इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में करीब 1860 करोड़ रुपए के प्रस्ताव सरकार के पास आए हैं।
बायोमेट्रिक हाजिरी का प्रयोग कल से
सरकार ने समय की पाबंदी के लिए अगले महीने से सभी केंद्रीय मंत्रालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने का फैसला किया है। इसकी निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इसका परीक्षण सोमवार से शुरू किया जा रहा है। योजना के तहत किसी भी मंत्रालय में हाजिरी लगाने वाले व्यक्ति की उपस्थिति का रिकार्ड सीधे पीएमओ से देखा जा सकेगा।
दिसंबर 2015 तक वाई-फाई से जुड़ेंगी यूनिवर्सिटी
देश के सभी विश्वविद्यालय को नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत दिसंबर 2015 तक वाई-फाई से जोड़ा जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि ई-मेल के लिए डिजाइन और उसके प्रारूप को भी तय किया जा रहा है। यह कार्य अक्टूबर 2014 में ही कर लिया जाएगा।
निशुल्क रोमिंग की घोषणा जल्द
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि निशुल्क रोमिंग की घोषणा जल्द ही की जाएगी। स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग और शेयरिंग से जुड़े दिशा निर्देश इस साल के अंत तक जारी होंगे। प्रसाद अपने मंत्रालय के 100 दिनों की उपलब्धियों के बारे में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में निशुल्क रोमिंग पर काम जारी है और शीघ्र ही इस संबंध में घोषणा की जाएगी। हालांकि इस संबंध में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा निर्धारित समय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि काम जारी है और उचित समय पर इसकी घोषणा कर दी जाएगी। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग और शेयरिंग पर अपनी सिफारिशें दे दी हैं।