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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. दिल्ली सरकार के विभिन्न महकमों में अनुबंध (कॉन्ट्रेक्ट) पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए सरकार ने 13 सदस्यीय उच्च कमेटी का गठन किया है। इन कर्मचारियों की संख्या एक लाख से अधिक है। कमेटी अपनी सिफारिशें एक महीने में सरकार को सौंपेगी। इसमें भर्ती की क्या प्रक्रिया होगी? क्या अब तक किए गए कार्य की समयावधि के हिसाब से भर्ती में आयु पर छूट देने की बात शामिल होगी? दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की भर्ती प्रक्रिया बहुत ही धीमी है। अगर इस गति से भर्ती होगी तो 165 माह का समय लगेगा। यह जानकारी शुक्रवार को दिल्ली के शहरी विकास एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने दी।
उन्होंने बताया कि अनुबंध आधारित इन कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में स्थायी करने का वायदा किया है, इसलिए आप की सरकार इन कर्मचारियों को शीघ्रता से स्थायी करना चाहती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में वर्ष 2008 में 18,800 पद रिक्त थे, इन पदों पर भर्ती के लिए करीब 20 लाख लोगों ने आवेदन किए थे।
वर्तमान में करीब 36 हजार पदों पर भर्तियां होनी हैं। एक लाख से अधिक अनुबंध आधारित कर्मचारियों को स्थायी कैसे किया जाए? इस पर सुझाव के लिए 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में दिल्ली के मुख्य सचिव एसके श्रीवास्तव, पूर्व आईएएस अधिकारी प्रकाश चंद्रा, प्रफुल्ल कारकेट के अलावा दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी और कानून सचिव सहित विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। सिसोदिया ने कहा कि अब कमेटी की सिफारिशें सौंपने तक किसी अनुबंध आधारित कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा और न ही किसी का स्थानांतरण किया जाएगा। कमेटी स्क्रिनिंग और भर्ती प्रक्रिया के लिए अपनी सिफारिशें देगी।
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