नई दिल्ली. विशेष न्यायाधीश नरोत्तम कौशल की अदालत ने पुलिस से पूछा कि उसने पूर्वी दिल्ली में पांच वर्षीय लड़की के कथित सामूहिक बलात्कार मामले में अनियमितता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दायर शिकायत पर क्या कार्रवाई की है। अदालत ने दिल्ली पुलिस से 29 मई तक मामले की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है।
अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग की शिकायत पर यह आदेश दिया। इस मामले में एसीपी बीएस अहलावत, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह और सब इंस्पेक्टर महावीर सिंह को निलंबित किया जा चुका है, साथ ही उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है जिन्होंने कथित तौर पर लड़की के परिवार को धमकाया और उन्हें मामले को रफा-दफा करने के एवज में दो हजार रुपए की पेशकश की।
उन्होंने इस मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वाली 17 वर्षीय लड़की थप्पड़ मारने के लिए एसीपी अहलावत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा गांधी नगर थाने के निलंबित एसएचओ धर्मपाल सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले के दोनों अभियुक्त मनोज और प्रदीप इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं।