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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. दिल्ली सचिवालय में निचली अदालतों के जजों की बैठक बुलाने के आग्रह पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती को संविधान का पूरा पाठ पढ़ाया है। हाईकोर्ट की ओर से भारती को जवाब दिया गया है कि निचली अदालतों पर हाईकोर्ट का नियंत्रण होता है और यह नियंत्रण पूरी तरह से एक्सक्लूसिव है।
हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल संगीता ढींगरा सहगल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि भारतीय संविधान का एक मूल तत्व कार्यपालिका से हर स्तर पर न्यायपालिका की भिन्नता है। संविधान के प्रावधानों के मुताबिक निचली अदालतों पर हाईकोर्ट का नियंत्रण होता है। निचली अदालतों की स्वायत्तता सुनिश्चित करने के मकसद से यह प्रावधान है। लिहाजा दिल्ली हाईकोर्ट जिला अदालतों के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक नियंत्रण रखता है। साथ ही मामलों के जल्द निपटारे, इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों के जुड़े मसलों को भी हाईकोर्ट देखता है। लिहाजा कानून मंत्री सोमनाथ द्वारा सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की बैठक बुलाने और बाद में निचली अदालतों के सभी जजों के साथ बैठक आयोजित करने का आग्रह स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा है कि वह सोमनाथ द्वारा मामलों के जल्द निपटारे एवं इंफ्रास्ट्रक्चर आदि उठाए गए मसले का स्वागत करती है।
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