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दुर्गापूजा में इकोफ्रेंडली मूर्ति से लेकर सिल्वर तार से बनाए जा रहे मां के वस्त्र

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. नवरात्र शुरू होते ही दक्षिण दिल्ली स्थित चितरंजन पार्क का पूरा इलाका पूरी तरह से बंगालमय हो गया है। सीआर पार्क में लगभग 10 से ज्यादा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की तैयारी अंतिम चरण में है। कोलकाता से आए कलाकार पंडाल को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
बंगाली बहुल सीआर पार्क के विभिन्न इलाकों में आयोजित हो रहे मां दुर्गा की पूजा के लिए अलग-अलग ढंग से पंडाल की सजावट हो रही है। कहीं पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता के कलाकार पंडाल को डाकेर साज (सिल्वर कलर के तार एवं धागे से मूर्ति का वस्त्र बनाना), तो कहीं पर इकोफ्रेंडली मूर्तियां बनाई जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं में प्राकृत के प्रति झुकाव बढ़े।
नव पल्ली पूजा समिति
पिछले 22 सालों से यहां पर मां दुर्गे की पूजा करने वाली यह समिति इस बार डाकेर साज की तर्ज पर मूर्तियों का वस्त्र तैयार करा रही है। इस बाबत कोलकाता के कृष्णा नगर से आए विशेष कलाकार मूर्तियों के लिए सिल्वर कलर के तार से वस्त्र तैयार कर रहे हैं। समिति के अध्यक्ष उत्पल घोष कहते हैं कि अधर्म पर धर्म की विजय की थीम को ध्यान में रखते हुए पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
दुर्गा पूजा समिति, मेला ग्राउंड
यह समिति सीआर पार्क में पिछले 39 सालों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। यह सीआर पार्क की सबसे पुरानी पूजा समिति है। इस बार यहां पर सभी मूर्तियों को इकोफ्रेंडली बनाया जा रहा है। मूर्ति में उपयोग होने वाले रंग, वस्त्र, पेंट इत्यादि सभी हर्बल हैं और पानी में आसानी से घुलने के अलावा पानी को प्रदूषित भी नहीं करेंगे। समिति के कोषाध्यक्ष एके चक्रवर्ती कहते हैं कि बंगाली कारीगर इस बार पुराने बंगाली परिवार के घर जैसा पंडाल को स्वरूप दे रहे हैं। ग्राउंड में पंडाल के अलावा यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
एक महीने से हो रही तैयारी
सीआर पार्क के बी ब्लॉक में युवाओं में दुर्गा पूजा के प्रति श्रद्धा जगाने के लिए पिछले एक महीने से सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सीआर पार्क दुर्गा पूजा समिति प्रत्येक साल कुछ नए अंदाज में पंडाल की सजावट करती है। इस बार यहां पर पंडाल को घोट (मिट्टी का मटका) का स्वरूप दिया जा रहा है और घोट विधि से पूजा अर्चना की जाएगी। समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी स्वप्न सरकार कहते हैं कि इस विधि के जरिए श्रद्धालुओं में यह संदेश देना है कि मां सर्वव्यापी हैं और हर जगह छाई हुई हैं। यहां पर देश के अधिकांश मंदिरों के रूप में पंडाल को सजाया जा चुका है।

शीप से निकलेंगी दुर्गा : सीआर पार्क के ब्लॉक में कोऑपरेटिव ग्राउंड दुर्गा पूजा समिति द्वारा तैयार किए जा रहे पंडाल में मां दुर्गा सीप से मोती की तरह अवतरित होंगी। यहां पर पूरे पंडाल को समुद्र की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। समिति के महासचिव सुबीर दत्ता कहते हैं कि पूरे पंडाल को पानी की थीम पर सजाया जा रहा है और प्रतिमा को इकोफ्रेंडली को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। मूर्तियों को फ्रूट कलर्स से रंगा जा रहा है, ताकि प्रदूषण न फैले।