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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट हाईजैकिंग के प्रयासों को विफल करने के लिए तैनात की गई सीआईएसएफ की एंटी हाईजैकिंग यूनिट में महिला कमांडों की तैनाती भी की जाएगी। साथ ही महिला कमांडो को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार की गई क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) में भी जगह दी जाएगी।
दोनों यूनिटों में महिला कमांडो की तैनाती के बाद ऐसा करने वाला आईजीआई एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा। सीआईएसएफ की सबसे संवदेनशील यूनिटों में तैनाती से पहले दस महिला सुरक्षाकर्मियों को दिल्ली पुलिस से प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा गया है।
सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रेनिंग में सीआईएसएफ की महिलाकर्मियों को सेल्फ लोडिंग मशीन, एमपी-5 और ग्लोक पिस्टल जैसे अत्याधुनिक हथियारों को चलाने के साथ-साथ बिना हथियार परिस्थितियों पर काबू पाने का हुनर सिखाया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इन महिलाकर्मियों के प्रशिक्षण के बाद क्रमबद्ध तरीके से अन्य सीआईएसएफ महिलाकर्मियों को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। सुरक्षा में महिला सीआईएसएफ कर्मियों की नई भूमिका में इंटेलीजेंस विंग को भी शामिल किया गया है।
आपातकालीन परिस्थिति या हमले के दौरान सादे कपड़ों में तैनात महिला कमांडो पुरुष कमांडो की अपेक्षा अधिक कारगर साबित होगी। सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के करीब 4500 जवान और अधिकारी तैनात हैं।
इनमें से महिला कर्मियों की संख्या करीब 600 है। वर्तमान समय में महिला कर्मियों की भूमिका सिर्फ महिला मुसाफिरों की फ्रिस्किंग तक ही सीमित है।
आईजीआई एयरपोर्ट की संवेदनशील सुरक्षा को देखते हुए महिला सीआईएसएफ कर्मियों को पुरुष कमांडो की ही तरह हथियार चलाने, जूडो कराटे सहित अन्य विद्याओं में पारंगत करने की योजना तैयार की गई है।
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