नई दिल्ली.इग्नू (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) कम्युनिटी कॉलेज कोर्सेज को नए कलेवर के साथ दोबारा शुरू करेगा। इसमें 12 वोकेशनल कोर्सेज में से प्रोफेशनल स्किल्स से जुड़े होंगे।
मसलन ऑटोमोबाइल, पैरामेडिकल, कम्प्यूटर, फैशन डिजाइनिंग, आर्ट एंड क्रॉफ्ट एवं कृषि आदि को शामिल किया जाएगा। इग्नू का नया रिफॉर्म फॉरमेट हाईपावर कमेटी के सुझाव पर बना है, जिसे अमल में लाने के लिए एक्सपर्ट्स से सलाह-मशविरा जारी है। इग्नू के कुलपति प्रो. एम. असलम ने बताया कि दरअसल पूर्व की स्कीम के तहत चलने वाले कम्युनिटी कॉलेजों ने अपनी भी फ्रेंचाइजी खोलनी शुरू कर दी। इसके बाद इग्नू के सर्टिफिकेट बिकने लगे। कम्युनिटी कॉलेजों ने बिना इग्नू की अनुमति के कई कोर्स भी शुरू कर दिए। जानकारी होने पर इग्नू के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने तुरंत इस पर रोक लगाकर रिव्यू करने के निर्देश दिए।
इस बारे में इग्नू कम्युनिटी कॉलेजेज स्कीम के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रदीप साहनी ने कहा कि नई स्कीम के तहत छात्रों के लिए बेहतरीन रिफॉर्म किए जा रहे हैं, इसमें छात्रों की ही भलाई है। क्योंकि भारत सरकार ने भी हमें नए रिफॉर्म के तहत वोकेशनल और सामान्य कोर्सो का समावेश कर नए कोर्स तैयार करने को कहा है। इसमें रोजगारोन्मुख कोर्सो को सिलेबस में शामिल किया जाएगा।
पहले कम्युनिटी कॉलेजों के नाम पर चल रहे 253 कम्युनिटी कॉलेजों में करीब 19 हजार कोर्स पढ़ाए जा रहे थे। इन सबकी जांच के बाद हाईपावर कमेटी की 150 पेज की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया गया है कि गैराज और गलत तरह से चलने वाले कम्युनिटी सेंटर्स के कोर्सो और उनकी डिग्री को हम मान्यता नहीं दे सकते। इसी को ध्यान में रखते हुए गत वर्ष जून माह में इन कम्युनिटी कॉलेजों को बंद किया गया था। अब एक-एक कर कम्युनिटी कॉलेजों के स्ट्रक्चर की जांच कर नए रिफॉर्म के साथ चार से छह माह में कम्युनिटी कॉलेजों को शुरू किए जाएंगे।
'नई स्कीम के तहत छात्रों के लिए बेहतरीन रिफॉर्म किए जा रहे हैं, इसमें छात्रों की ही भलाई है। क्योंकि भारत सरकार ने भी हमें नए रिफॉर्म के तहत वोकेशनल और सामान्य कोर्सो का समावेश कर नए कोर्स तैयार करने को कहा है। इसमें रोजगारोन्मुख कोर्सो को सिलेबस में शामिल किया जाएगा। पहले कम्युनिटी कॉलेजों के नाम पर चल रहे 253 कम्युनिटी कॉलेजों में करीब 19 हजार कोर्स पढ़ाए जा रहे थे।'
डॉ. प्रदीप साहनी, नोडल ऑफिसर