पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • IMA DMA Miffed Proposed Abortion Regulations

गर्भपात के प्रस्तावित नियमों से आईएमए-डीएमए खफा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली. गर्भपात के नियमों में संशोधन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मांगे गए सुझाव पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने सरकार को आगाह किया है कि नए प्रस्तावित प्रावधान से झोला छाप डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के इस प्रस्ताव के विरोध में आईएमए और डीएमए दोनों संस्थाएं उतर आई हैं।
डीएमए के सदस्यों ने प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन को एक मेमोरेंडम भी दिया और उन्हें इस प्रस्ताव के पास होने से आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। आइएमए के महासचिव डॉ.नरेन्द्र सैनी का कहना है कि एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) एक्ट 1971 के तहत गर्भपात के लिए एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टर का होना आवश्यक है, लेकिन नए प्रस्ताव से कोई भी पंजीकृत हैल्थ प्रैक्टीशनर गर्भपात करा सकता है, जो कि गलत है।
डीएमए के क्वैकरी सेल के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ.अनिल बंसल का कहना है कि सरकार के नए प्रस्ताव से झोला छाप डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा। अब एमबीबीएस डॉक्टर के अलावा होम्योपैथिक, प्राकृतिक अथवा यूनानी डॉक्टरों, नर्स को भी गर्भपात कराने का अधिकार मिल जाएगा, जिससे महिला की जान को नुकसान पहुंच सकता है।

गर्भपात के दौरान सर्जिकल की जरूरत होती है, जो कि एलोपैथिक डॉक्टर ही करता है।
डॉ.अनिल बंसल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार प्रस्ताव को वापस नहीं लेती है तो केन्द्र सरकार के खिलाफ डॉक्टर हड़ताल अथवा आंदोलन कर सकते हैं।