नई दिल्ली. ऐसे समय जब प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी "मेक इन इंडिया' के नारे को बुलंद कर रहे हैं, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)ने वाणिज्य मंत्रालय से ऐसे आधा दर्जन से अधिक उत्पाद के आयात की समीक्षा करने को कहा है, जिसे लेकर उसका मानना है कि भारत में ही इनका उत्पादन बढ़ाकर इसके अनावश्यक आयात बिल को खत्म किया जा सकता है। ये सभी ऐसे उत्पाद है जिनका आयात बिल 100 मिलियन डॉलर से अधिक है। सरकार को उम्मीद है कि इन उत्पादों के आयात बिल को कम करके न केवल हजाऱों करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकेगी बल्कि भारत में नए रोजगार सृजित करने में भी मदद हासिल होगी।
पीएमओ की ओर से भेजा गया परिपत्र
पीएमओ की ओर से वाणिज्य मंत्रालय को भेजे गए एक परिपत्र में कहा गया है कि वह प्रोसेस आइटम्स, सीसमस सीड्स, खाद्य तेल, दाल, ताजा फल, कोको प्रोजेक्ट्स, काजू,चीनी डिब्बाबंद खाना, एल्कोहलिक बेवरेजेस के आयात को लेकर एक समयवद्ध समीक्षा शुरू करे। इसके तहत वह पंद्रह दिन या फिर एक महीना या किसी निश्चित अवधि में इनके आयात को लेकर डाटा तैयार करे। यह जानने का प्रयास करें कि क्या वास्तव में इन पदार्थोंं के आयात की जरूरत है। क्या भारत में इनका उत्पादन बढ़ाकर इनका आयात खत्म नहीं किया जा सकता है। पीएमओ ने वाणिज्य मंत्रालय से इन पदार्थो को लेकर सभी तरह के डाटा तैयार करने के साथ ही आयात की स्थिति से निकलने के उपाय भी सुझाने को कहा है।
खाद्य तेल का 60 फीसदी आयात करता है देश
एक अधिकारी ने बताया कि अगर खाद्य तेल की बात करें तो यह हम करीब 60 प्रतिशत आयात करते हैं। इसको लेकर पीएमओ ने कहा है कि हमें खाद्य तेल के उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पादन का प्रयास करना चाहिए। ऐसा होने पर हम सीधे 30 प्रतिशत तक आयात कम कर पाएंगे। जबकि उत्पादन और बढ़ने से हम इस क्षेत्र में और बेहतर कर पाएंगे। शेष पेज|4
इसी तरह दाल का आयात प्रतिशत 15 है जबकि ताजा फल 10 प्रतिशत काजू 6 प्रतिशत और चीनी 3 प्रतिशत तक आयात की जाती है। इस अधिकारी ने कहा कि पीएमओ चाहता है कि वाणिज्य मंत्रालय इन सभी उत्पाद का भारत में उत्पादन बढ़ाने का लेकर रपट दे। इसके आधार पर वह विभिन्न मंत्रालयों के लिए इसका उत्पादन बढ़ाने को लेकर नया लक्ष्य निर्धारित करेंगे।
संभव है कि कुछ क्षेत्रों के लिए विशेष योजना भी शुरू की जाए। ऐसा करके भी हम हजारों करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत कर पाएंगे जबकि निश्चित तौर पर भारत में इनका उत्पादन बढ़ाने से न केवल उत्पादन क्षेत्र में बल्कि उससे संबंधित अन्य क्षेत्र में भी नए रोजगार सृजित होंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पीएमओ ने इन उत्पादों के आयात को अनावश्यक करार दिया है। उनका मानना है कि अगर सही नीति और उसका क्रियान्वयन हो तो इन उत्पादों के मद में आयात को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। यही वजह है कि उसने वाणिज्य मंत्रालय को त्वरित आधार पर इसको लेकर कदम उठाने के लिए सलाह दी है।