नई दिल्ली. देश में पहली बार एक ऐसा उपकरण सामने आया है जिसकी मदद से दीवार के पार की सभी गतिविधियों को आसानी से देखा जा सकेगा। जिस दीवार पर इस उपकरण को लगाया जाएगा, उस दीवार के पार के बीस मीटर की रेंज में होनी वाली सभी गतिविधियां, आंतरिक ढांचा और वहां मौजूद लोगों की संख्या की सटीक जानकारी मिल सकेगी। प्रगति मैदान में आयोजित सुरक्षा मेले में प्रदर्शित जैवर 400 नामक यह उपकरण सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराया गया है। जैवर एक टैक्टिकल थ्रू-वॉल इमेजिंग सिस्टम (दीवार के पार की तस्वीर दिखाने वाला उपकरण) है।
इस उपकरण को बनाने वाली कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव (बिजनेस डेवलपमेंट) वरुण गर्ग के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई बार ऐसे मौके आते हैं जिसमें ऑपरेशन की सफलता इमारत में छिपे अपराधियों या आतंकवादियों की मौजूदगी, स्थिति और गतिविधियों की सटीक जानकारी पर निर्भर करती है।
टैक्टिकल थ्रू-वॉल इमेजिंग सिस्टम पर आधारित जैवर की मदद से सुरक्षा एजेंसी आसानी से पता लगा सकती हैं कि किसी दीवार के पार मौजूद स्थाई व अस्थाई सामान, लोगों की संख्या, कमरे में उनकी किस हिस्से में मौजूदगी है और उस दीवार से वे कितने मीटर की दूरी पर मौजूद हैं। इस उपकरण से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कितने लोग कमरे में लगातार चहल पहल कर रहे हैं और कितने लोग स्थाई तौर पर एक जगह पर बैठे हुए हैं। ऐसी जानकारी का इस्तेमाल अक्सर अपराधियों या आतंकियों के चंगुल से बंधकों को छुड़ाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को हासिल करनी होती है।
गर्ग के अनुसार जैवर में दीवार के पार की गतिविधियों को जानने के लिए उच्च क्षमता वाले माइक्रो पावर अल्ट्रा वाइड बैंड का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके एडिएशन पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस उपकरण को बनाते समय आईसीएनएनआईआरपी-1998 रेडिएशन एक्सप्लोजर रेस्ट्रेक्शन को ध्यान में रखा गया है।
तीन मॉडलों में उपलब्ध इस उपकरण में पहले उपकरण में दीवार के पार मौजूद जीवित लोग, दूसरे मॉडल में ढांचागत जानकारी सहित उनकी गतिविधियां और तीसरे मॉडल में होलोग्राम के जरिए दीवार के पार मौजूद लोगों की लंबाई-चौड़ाई आदि भी जाना जा सकता है।
सीआईएसएफ के जवान जल्द ही विश्वस्तरीय हथियारों एवं उपकरणों से लैस होंगे। सीआईएसएफ सुरक्षा मेले में मौजूद ऐसे उपकरणों एवं हथियारों का चुनाव कर रही है, जिनसे सीआईएसएफ को हथियारों एवं उपकरणों के लिहाज से अत्याधुनिक बनाया जा सके। सीआईएसएफ के महानिदेशक अरविंद रंजन के अनुसार हथियारों एवं उपकरणों के चुनाव के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें सर्विलांस, सिक्योरिटी फिजिकल चेक, बम डिस्पोजल सहित सुरक्षा के अन्य क्षेत्रों में आवश्यक हथियारों एवं उपकरणों का चुनाव कर अपनी रिपोर्ट देंगी। जिनके आधार पर सीआईएसएफ मुख्यालय अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य सुरक्षा की दृष्टि से हथियारों एवं उपकरणों का चुनाव करेगी। इन अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद से संबंधित प्रक्रिया को पूरा करने के बाद जल्द से जल्द संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध कराया जाएगा।