मुस्तफाबाद सीट से बीजेपी के जगदीश प्रधान ने 5000 वोट से जीत हासिल की है। पिछली बार 2013 में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी हसन अहमद जीते थे। मुस्लिम चेहरा लाने के चक्कर में 'आप' ने हाजी यूनिस को टिकट दिया, लेकिन वह वोट नहीं बटोर पाए। एक मुस्लिम चेहरे को 'आप' का टिकट मिलने से ध्रुवीकरण हुआ और बीजेपी की ओर हिंदू मतदाताओं का झुकाव हुआ। पिछले दो बार से बीजेपी यहां बहुत कम वोटों से हार रही थी। केवल 'आप' ही नहीं, कांग्रेस ने भी मुस्लिम चेहरे को टिकट दिया था, जिसके कारण बीजेपी के खाते में हिंदू मतदाताओं का वोट पड़ा।
रोहिणी सीट से बीजेपी के विजेंद्र गुप्ता को जीत मिली है। 'आप' ने इस सीट पर चिरंजीलाल और कांग्रेस ने सुखबीर शर्मा को टिकट दिया था। 2013 में हार के बाद बीजेपी ने इस सीट पर इस बार अपना कैंडिडेट बदला और दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रहे विजेंद्र गुप्ता जैसे बड़े नेता को मैदान में उतारा। वहीं, ऐन मौके पर 'आप' ने अपना उम्मीदवार बदला। इस वजह से उसे नुकसान हुआ। यहां से 'आप' के विधायक रहे राजेश गर्ग को टिकट न देने के कारण आप को घाटा हुआ। विजेंद्र पांच हजार से चुनाव जीतने में सफल रहे।
बीजेपी ने तीसरी सीट विश्वास नगर में ओपी शर्मा के बल पर जीती है। यहां से पिछली बार की तरह इस बार भी 'आप' की आंधी में ओपी शर्मा ने अपनी सीट बचाए रखी। 'आप' ने यहां अतुल गुप्ता और कांग्रेस ने नसीब सिंह को टिकट दिया था। यहां 'आप' की हार का प्राथमिक कारण कांग्रेस प्रत्याशी नसीब सिंह का मजबूत होना है। कांग्रेस के खाते में वोट जाने के कारण 'आप' को यहां वोट नहीं मिल सका। ओपी शर्मा बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के राइट हैंड माने जाते हैं और इलेक्शन मैनेजर के रूप में कई सफलता हासिल कर चुके हैं। ओपी शर्मा ने 'आप' के उम्मीदवार को 11 हजार वोटों से हराया।
मोदी ने चार जगह किया प्रचार, केवल एक सीट पर जीती बीजेपी
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी भी चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं का मन नहीं बदल सके। पूरी दिल्ली की बात छोड़ भी दें तो जहां पीएम मोदी ने खुद रैली की थी, वहां भी चार में से तीन सीट बीजेपी नहीं जीत पाई। मोदी ने अंबेडकर नगर, शहादरा, द्वारका और रोहिणी में रैली की थी और आम आदमी पार्टी-अरविंद
केजरीवाल पर जमकर हमला बोला था, लेकिन रोहिणी सीट छोड़ कर बीजेपी यहां नहीं जीत पाई। रोहिणी में भी जीत के पीछे दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की छवि बताई जा रही है।
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