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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. एशिया के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सफदरजंग की सुरक्षा व्यवस्था अब एम्स की तर्ज पर होगी। इसके तहत निजी और अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को पुलिस की ओर से नियमित सुरक्षा संबंधी टिप देने के साथ ही औचक निरीक्षण कार्य भी किया जाएगा। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों की सूची बनाकर वहां के लिए अलग से सुरक्षा-नियम बनाए जाएंगे।
दक्षिणी परिक्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. विवेक गोगिया ने कहा कि सफदरजंग एक प्रमुख अस्पताल है। यहां पर प्रतिदिन हजारों मरीज आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था में ढील नहीं दी जा सकती है। अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी की स्थापना और क्षमता विस्तार के साथ ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था को एम्स की तर्ज पर किया जा रहा है। इसके तहत हर प्रवेश और निकास प्वांइट पर निगरानी बढ़ाने के साथ प्रमुख स्थानों पर नियमित चेकिंग शुरू की जाएगी। स्थानीय पुलिस यहां पर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड को नियमित तौर पर सुरक्षा टिप देने के साथ ही औचक निरीक्षण भी बढ़ाएंगे।
गोगिया ने कहा कि खासकर महिलाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और सुढढ़़ की जाएगी। ऐसे स्थान जहां पर महिलाओं की अधिक आवाजाही है वहां सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही निगरानी को और बेहतर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हर दिन 'कॉल ए स्कूलÓ
दक्षिणी परिक्षेत्र के संयुक्त आयुक्त डॉ. विवेक गोगिया ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में चलने वाले सरकारी और निजी स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए कॉल ए स्कूल पर अमल किया जा रहा है। वह या उनका कार्यालय किसी भी स्कूल में फोन कर छुट्टी के समय या फिर सुबह के समय स्कूल के आसपास के माहौल को लेकर प्रिंसिपल या अन्य संबंधित शिक्षक से बात करते हैं। अगर कहीं कोई गलती पाई गई तो स्थानीय पुलिसकर्मी पर त्वरित कार्रवाई के साथ ही उसके वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षक या छात्र-छात्रा भी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम या उनके कार्यालय को फोन करके किसी भी तरह के अभद्र माहौल की सूचना दे सकते हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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