नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजनीति में आने के महज डेढ़ दो साल में ही
अमित शाह ने महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में कमल खिलाकर साबित कर दिया था कि भाजपा को शाह जैसे नेता की ही तलाश थी लेकिन दिल्ली में परिणाम इसके उलट रहे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पांच स्तरीय व्यवस्था की थी लेकिन बावजूद इसके माइक्रो मैनेजमेंट के माहिर माने जाने वाले शाह का मैनेजमेंट दिल्ली में फेल हो गया। जानते हैं अमित शाह की 5 बड़ी गलतियां, जिससे भाजपा दिल्ली में हारी...
- अपनों को नजरअंदाज कर 'पैराशूट सीएम' उतारना
अमित शाह की सबसे बड़ी भूल रही दिल्ली में
किरण बेदी के रूप में 'पैराशूट सीएम' उतारना। हालांकि कई चुनावी विशेषज्ञों ने इस फैसले को भाजपा का मास्टर स्ट्रोक और बेदी को ट्रंप कार्ड बताया, लेकिन इस एक निर्णय ने ही दिल्ली भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उसकी रणनीति के खिलाफ कर दिया। पूरे प्रचार अभियान के दौरान हर्षवर्धन, जगदीश मुखी, सतीश उपाध्याय जैसे बड़े नेता बेदी से खिंचे-खिंचे रहे। पूर्व नौकरशाह रह चुकीं बेदी के खरे बोल ने भी कार्यकर्ताओं को उनसे दूर कर दिया। भाजपा हाईकमान को बेदी के नाम पर स्थानीय नेताओं की नाराजगी का अहसास था, लेकिन शाह के बड़े कद और पूर्व के चुनावों में हासिल उनकी उपलब्धियों के आगे सभी खामोश रहे।
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