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नाथूराम के साथ महात्मा गांधी की हत्या में शामिल था एक और 'किलर'!

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. 30 जनवरी 1948, यही वो दिन है जब देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनकी हत्या नाथूराम गोडसे ने की थी। हालांकि इस बात को आज 66 वर्ष हो चुके हैं। नाथूराम गोडसे को भी सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नाथूराम के साथ ही एक और 'किलर' इस हत्या में शामिल था। कौन था वो 'किलर'। उस किलर की बदौलत ही नाथूराम गोडसे इतनी भीड़ होने के बावजूद सीधे महात्मा गांधी तक पहुंचा था।
1930 की स्टूडी बेकर डिक्टेटर। आज के दौर में विटेंज कार, जिसे हम ‘किलर’ नाम से जानते हैं। दरअसल यह वही कार है, जिसमें बैठ कर नाथूराम गोडसे महात्मा गांधी की हत्या के लिए बिरला हाउस पहुंचा था। यही वो कार है जो उस दिन की महत्वपूर्ण घटना की गवाह बनी। 1947 से 1950 के बीच ऐतिहासिक यादें इस कार से जुड़ी हैं। यही कारण है कि दिल्ली में आज भी यह कार बैखौफ सड़कों पर घूमती है। आज हम महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनसे जुड़ी इस खास कार पर चर्चा कर रहे हैं।
बता दें कि 30 जनवरी 1948 में बिरला हाउस के करीब महात्मा गांधी की प्रार्थना सभा में जाते वक्त 3 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
आइये आगे की स्लाइड में जानते हैं 'किलर' विटेंज कार के बारे में औरै किसके पास से ये कार...