नई दिल्ली. आईटी कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी "स्मार्ट सिटी' योजना में सहयोग करने की इच्छा जताई है। इस संबंध में माइक्रोसॉफ्ट ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया है। इसमें कहा गया है कि कंपनी स्मार्ट सिटी के लिए अपनाई जाने वाली तकनीक और अन्य जानकारी केंद्र सरकार के साथ साझा करने की इच्छुक है। वह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ई-गवनेंंस योजना के साथ ही अन्य तकनीकी योजनाओं में भी सहभागी बनना चाहती है।
दूरसंचार मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत दौरे पर आए माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्या नडेला जल्द ही दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से मिलने वाले हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने हर गांव तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने में रुचि दिखाई है। कंपनी सिंगापुर-अफ्रीका के ग्रामीण इलाकों में ऐसा कर चुकी है।
इसके साथ ही कपंनी ने अपने क्लाउड सिस्टम के जरिये सरकार की ई-योजनाओं को गति देने में भी रुचि दिखाई है। इसके तहत ई-गवनेंंस से जुड़ी सभी योजनाओं का डाटा अपने क्लाउड सेंटर में सुरक्षित रखेगी। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट ने भारत के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी निवेश करने के प्रति इच्छा जताई है।
कर्मियों की संख्या बढ़ाएगी कंपनी : लिकून ने बताया कि हुआवेई नंवबर में बेंगलुरू में अपना दूसरा रिसर्च सेंटर खोल रही है। साथ ही वह अपने कर्मियों की संख्या भी बढ़ा रही है। हुआवेई का मुख्य ध्यान नेटवर्किंग उपकरणों पर है। कंपनी ने भारत में अब तक 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,220 करोड़ रुपए) निवेश किए हैं। वह आगे भी निवेश करना जारी रखेगी।
...तो हुआवेई भारत में बनाएगी मोबाइल फोनचीन की दूरसंचार कंपनी हुआवेई टेलीकम्युनिकेशन ने कहा है भारत में उसके मोबाइल फाेन की बिक्री तेजी से बढ़ी तो अपने मोबाइल फोन यहीं बनाएगी। कंपनी के सीईओ काई लिकून ने यह जानकारी सोमवार को दी। उन्होंने कहा, हुआवेई केंद्र सरकार की "डिजिटल इंडिया' योजना को लेकर खासी उत्साहित है। यह योजना निश्चित तौर पर भारत में दूरसंचार सेवाओं को गति देगी।