नई दिल्ली. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी खास तौर पर भारतवंशियों की बहुतायत वाले देशों की यात्रा का सिलसिला अगले साल भी जारी रखने वाले हैं। इसकी शुरुआत ब्रिटेन से कर सकते हैं। हालांकि यह अभी तय नहीं है कि मोदी ब्रिटेन के संसदीय चुनाव से पहले वहां जाएंगे या बाद में। केंद्र सरकार असमंजस में है। इसीलिए यात्रा की तारीखें तय नहीं हैं। दरअसल, ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन का कार्यकाल मार्च 2015 में खत्म हो रहा है। इससे पहले वहां चुनाव होंगे। यह तय नहीं है कि कैमरन बहुमत के साथ सत्ता में लौट आएंगे। ऐसे में कैमरन चाहते हैं कि मोदी जनवरी-फरवरी में आएं। वहीं, भारत का विदेश मंत्रालय चाहता है प्रधानमंत्री को मई के बाद जाना चाहिए। तब तक वहां नई सरकार का गठन हो जाएगा।
दो बार आ चुके कैमरन
पिछले चार साल में कैमरन दो बार भारत आ चुके हैं। राजनयिक संबंधों की सामान्य परंपरा है कि भारतीय प्रधानमंत्री भी वहां जाएं। लेकिन अब तक भारतीय प्रधानमंत्री ब्रिटेन नहीं गए हैं।