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मोदी सरकार के पहले बजट पर सबकी निगाहें, बढ़ सकती है इन्कम टैक्स छूट की सीमा

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. साल 2015-16 का आम बजट पेश होने में अब सिर्फ तीन हफ्ते रह गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली का यह पहला पूर्ण बजट होगा। आम आदमी हो या उद्योग, हर वर्ग को इससे काफी उम्मीदें हैं। जानकार भी कह रहे हैं कि यह बजट अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा। हम बता रहे हैं इस बजट में क्या बदलाव संभव हैं।
छूट सीमा बढ़ सकती है। पिछले बजट में 60 साल से कम उम्र वालों के लिए छूट सीमा दो से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए सालाना की गई थी। इस बार कितनी बढ़ेगी, इस पर जानकार अलग-अलग संभावनाएं बता रहे हैं। कुछ का मत है कि यह तीन लाख हो सकती है, कुछ पांच लाख तक मान रहे हैं। स्लैब में भी बदलाव संभ‌व है। अभी पांच से 10 लाख तक 20 फीसदी और 10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। 30 फीसदी टैक्स के लिए 20 लाख रुपए की आय सीमा तय हो सकती है।
अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे एक-एक कदम

भत्ते : वृद्धि की संभावना
भत्ते 10 साल पहले तय हुए थे। इसे देखते हुए इनके बढ़ने की भी पूरी संभावना है। अभी बच्चों की पढ़ाई का अलाउंस 100 रु. महीना है। लीव इनकैशमेंट सीमा भी 3 लाख रु.बढ़ सकती है।
80सी : 2 लाख हो सकती है सीमा
आयकर की इस धारा के तहत हमें निवेश पर कर छूट मिलती है। पिछले बजट में इसकी सीमा एक से बढ़ाकर डेढ़ लाख की गई थी। इसे दो लाख किया जा सकता है।
सब्सिडी : सब्सिडी पर गाज
वित्त मंत्री ने कहा है कि अगले बजट में खर्चों पर अंकुश लगाएंगे। यानी खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर गाज गिर सकती है। डीजल को नियंत्रणमुक्त करने के बाद ईंधन सब्सिडी ज्यादा नहीं है। दूसरी छमाही में रसोई गैस और केरोसिन पर सब्सिडी सिर्फ 22,000 करोड़ रहने का अनुमान है।
मेडिकल :50000 मेडिक्लेम प्रीमियम संभव
अभी आप साल में 15,000 रुपए तक रिइंबर्समेंट ले सकते हैं। यह 50,000 हो सकता है। मेडिक्लेम प्रीमियम की सीमा भी 35 से बढ़कर 50 हजार हो सकती है। अभी अपने और परिवार के लिए 15 हजार और माता-पिता के लिए 20 हजार रुपए प्रीमियम की सीमा है।
- होम लोन पर ढाई लाख रुपए तक के ब्याज भुगतान पर कर छूट का लाभ मिल सकता है।