(फाइल फोटो- नवरात्र में मां दुर्गा की आरती करते नरेंद्र मोदी)
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के लिए पूजा-पाठ का रुटीन भी तय किया गया है। यह उनकी निजी नियमित दिनचर्या के लिए निर्धारित समय का हिस्सा बनाया गया है। मोदी अपने साथ दुर्गा सप्तशती भी ले जा रहे हैं जिसका वह नवरात्र के दौरान नियमित रूप से पाठ करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी पूजा-पाठ में 1 घंटा 25 मिनट का समय लगाएंगे।
पीएमओ से जुड़े आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिस तरह नरेंद्र मोदी नवरात्र के दौरान व्रत करते आए हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते रहे हैं वह अमेरिका यात्रा के दौरान भी बाधित नहीं होगा। पूजा-पाठ वह सुबह के समय करेंगे। गीता प्रेस की तरफ से प्रकाशित दुर्गा सप्तशती संस्कृत में मुद्रित है जिसका हिंदी और गुजराती अनुवाद भी है।
नवरात्र के दौरान देश में रहने पर मोदी 9 दिनों तक दुर्गा सप्तशती के सभी 13 अध्याय का पाठ नियमित रूप से करते हैं। अमेरिका में भी क्या वह रोजाना 13 अध्याय का पाठ करेंगे यह तो अभी तय नहीं है लेकिन पूजा के लिए 1 घंटा 25 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। फलाहार का भी विशेष प्रबंध किया गया है और अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ डिनर, लंच या नाश्ते में भी फलाहार का प्रबंध होगा। व्यवस्था इस तरह की जा रही है ताकि व्रत के दौरान अपनाई जाने वाली पवित्रता बनी रहे।
‘गीता’ के भी हैं मुरीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गीता के भी मुरीद हैं। अपनी विदेश यात्रा के दौरान वह गीता की महिमा का गुणगान कर चुके हैं। मोदी ने कहा था कि भारत के पास दुनिया को देने के लिए क्या है यदि यह पूछा जाए तो उनका उत्तर होगा श्रीमद भगवत गीता। भारत दुनिया को ‘गीता’ दे सकता है।
पीएम के प्रतिनिधिमंडल में होंगे पांच दर्जन प्रतिनिधि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी काफिला काफी सीमित होगा। जहां भारतीय प्रधानमंत्री के पिछले अमेरिका दौरे पर 108 लोगों को प्रतिनिधिमंडल गया था वहीं इस बार यह संख्या मात्र 60 तक सीमित होगी। इस दौरे पर उनके साथ सिर्फ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ही जाएंगी। वह वहां पर करीब सौ देशों के विदेश मंत्रियों से मिलेंगी। लेकिन इनमें से अधिकतर मुलाकात मात्र फोटो सेशन तक ही होगी।
प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान सिर्फ आर्थिक मुद्दा ही फोकस में रहेगा। इसके लिए वहां पर न्यूयार्क और वाशिंगटन में अंत समय तक औद्योगिक घरानों के प्रमुखों से उनकी मुलाकात का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस अमेरिकी दौरे के दौरान अधिक से अधिक बिजनेस को भारत आमंत्रित किया जा सके।
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