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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. दिल्ली के तीनों निगमों के सभी शीर्ष नेता बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलकर निगम के कार्यों में आने वाली आर्थिक व प्रशासनिक परेशानियों से अवगत करवाया। दक्षिणी निगम के नेता सदन सुभाष आर्या ने बताया कि नेताओं ने मुख्यमंत्री को निगम के विभाजित होने के समय तीनों निगमों पर 1767 करोड़ रुपए के लोन की जानकारी दी। साथ ही शिक्षा के फंड में कमी, ग्लोबल शेयर नहीं मिलने, छठवें वेतन आयोग के तहत 70 के बजाय 100 प्रतिशत का ग्रांट देने, ठेकेदारों का बकाया पेमेंट करने, हाउस टैक्स से हुए घाटे के नुकसान की भरपाई आदि के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारियां दीं।
निगम नेताओं ने मुख्यमंत्री से अनियमित कालोनियों के ड्रेनेज व विकास में खर्च होने वाले धन, रूरल डेवलेपमेंट बोर्ड को भंग करने, ट्रांसफर ड्यूटी का शेअर बढ़ाने, एचडीईसी के अनुसार सरकार द्वारा दी जाने वाली ग्रांट वन टाइम प्रोजेक्ट वाइज देने, तीनों निगमों को विकास कार्य में कम पडऩे वाला धन उपलब्ध करवाने की मांग सहित अनुबंधकर्मियों को नियमित करने के संबंध में चर्चा की। निगम के प्रतिनिधिमंडल में तीनों निगमों के महापौर आजाद सिंह, सरिता चौधरी व राम नारायण दूबे, स्थाई समितियों के अध्यक्ष, मोहन भारद्वाज, सतीश उपाध्याय व संजय सुरजन, सदनों के नेता समेत कई निगम पार्षद थे।
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