नई दिल्ली. लोकसभा चुनावों के बाद पीएम मोदी और
अमित शाह की जोड़ी ने जो चुनाव लड़ा, वो जीता है। लेकिन
दिल्ली चुनाव हार गए। 13 साल में इस जोड़ी की यह पहली हार है। अमित शाह ने 19 साल की उम्र में चुनाव प्रबंधन शुरू किया था। को-ऑपरेटिव से लेकर पार्लियामेंट तक के तीन दर्जन से अधिक चुनावों का प्रबंधन उन्होंने किया है। हर बार जीता। दिल्ली चुनावों के नतीजों से मोदी के विरोधियों के चेहरे खिल गए हैं।
नीतीश कुमार और
ममता बनर्जी खासे खुश हैं। 'आप' की सफलता का पहला असर बिहार में दिख रहा है। भाजपा अब जीतन राम मांझी से पल्ला झाड़ चुकी है। इसे जदयू की अंदरूनी लड़ाई करार दे रही है। इन चुनावों में सपा, राजद, जदयू, तृणमूल कांग्रेस, माकपा जैसी कई पार्टियों ने 'आप' को समर्थन दिया था। अब 'आप' की निगाहें पंजाब, उप्र और उत्तराखंड पर लगी हैं। इन तीनों राज्यों के चुनाव 2017 में होने हैं। 'आप' के चारों सांसद पंजाब से हैं।
सभी स्टार हारे- कांग्रेस : किरण वालिया, शर्मिष्ठा मुखर्जी, चौधरी मतीन सिंह, प्रह्लाद सिंह और हारून यूसुफ। बीजेपी : कृष्णा तीरथ, नुपुर शर्मा, जगदीश मुखी, रणबीर सिंह बिधूड़ी।
भाजपा से 'आप' में गए सभी 7 जीते - रामनिवास गोयल, रघुवेंद्र शौकीन, वेदप्रकाश, करतार सिंह तंवर, नरेश बाल्यान, फतेह सिंह, सौरभ भारद्वाज।
'आप' से भाजपा में गए 4, सभी हारे- विनोद कुमार बिन्नी, एमएस धीर, अशोक चौहान, शकील अंजुम चौधरी।
'आप' के तीन जो जीत नहीं पाए - मोहम्मद यूनुस, सीएल गुप्ता और डॉ. अतुल गुप्ता
सोशल मीडिया पर आईं प्रतिक्रियाएं-
प्रधानमंत्री मोदी - मैंने अरविंद
केजरीवाल से बात की। मैंने उन्हें बधाई दी और चाय पर बुलाया है।
किरण बेदी - अरविंद को फुल मार्क्स। बधाई। अब दिल्ली को उन ऊंचाइयों पर ले जाएं, जिस पर उसे होना चाहिए।
कुमार विश्वास - भले भाजपा को 7 से कम सीटें मिलें, हम विपक्ष के नेता का पद उन्हें देंगे। लोकतंत्र स्वीकार से चलता है।
चेतन भगत- शिवसेना 'आप' की तारीफ कर रही है। एक दिन 'आप' मुंबई आएगी। उनके साथ भी यही होगा।
मधुर भंडारकर- पॉलिटिक्स और फिल्म एक जैसी है। कई सालों में भी आप नहीं समझ पाएंगे कि दर्शक क्या चाहते हैं।
अयाज मेमन - 'आप' की जीत देश में सबसे शानदार है। इससे पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ईडन गार्डन में हरा कर 2001 में ऐसी जीत हासिल की थी।
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