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कीर्तिमान: 30 देशों को सुनाया 'सारे जहां से अच्छा...', 27 साल से परेड में शामिल

8 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. 26 जनवरी को होने वाली परेड में जलवा बिखेर रहे रमेश चंद्र कटोच भारतीय नौसेना और गणतंत्र दिवस परेड के ऐसे हीरो हैं जैसा कभी कोई और नहीं हो सका। इस बार परेड में शामिल होने पर रमेश के नाम एक नया कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। वे लगातार 27 वर्ष परेड में शामिल होने वाले अकेले भारतीय अधिकारी बन जाएंगे। इन 27 वर्षों में अभी तक वह 16 बार नेवी के 81 सदस्यीय बैंड को लीड कर चुके हैं और अब 17वीं बार अपने दस्ते का नेतृत्व करेंगे।
30 से ज्यादा देशों में सुनाई भारतीय धुन
हिमाचल के कांगड़ा स्थित बड़ुआं गांव के रहने वाले रमेश कटोच ने 30 से ज्यादा देशों में जाकर राष्ट्रगीत के अलावा सारे जहां से अच्छा तथा भारतीय सेनाओं की धुन बजाने का कीर्तिमान बनाया है। चीफ पैटी ऑफिसर रमेश ने कई देशों में सेना के तीनों अंगों थल, जल व वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जिन देशों ने सेना के इस म्यूजिशियन की धुनों को सीखा और सराहा है उनमें जापान, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, फिलीपिंस, इंडोनेशिया, इंग्लैंड, थाईलैंड, जर्मनी व बांग्लादेश आदि शामिल हैं। यहीं कारण है कि नौसेना ने उन्हें फस्र्ट क्लास म्यूजिशियन का दर्जा दिया है।
1981 में नौसेना में भर्ती हुए थे रमेशचंद्र कटोच
30 से ज्यादा देशों में राष्ट्रगीत के अलावा सारे जहां से अच्छा तथा भारतीय सेनाओं की धुन बजाने का कीर्तिमान बनाया
150 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर देश में सेना की धुन बजाई है। 27 वर्षों में कभी भी अपने परिवार या दोस्तों के लिए परेड का एंट्री पास नहीं लिया।
परिवार ने आजतक नहीं देखी रमेश की परेड
दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में रमेश ने बताया कि वह 1981 में नौसेना में भर्ती हुए और तब से अब तक उनके परिवार ने उन्हें परेड करते कभी नहीं देखा। उनके परिवार में मां, पत्नी, दो बेटियां व एक बेटा है। दरअसल कटोच ने 27 वर्षों में कभी भी अपने परिवार या दोस्तों के लिए परेड का एंट्री पास नहीं लिया। 30 से ज्यादा देशों ने रमेश की कला का लोहा माना है। इसके अलावा उन्होंने सैकड़ों बार सैन्य परिसर व सार्वजनिक स्थानों पर सेना की धुन बजाई है। लेकिन उनके परिवार ने आज तक उनकी लाइव परेड नहीं देखी।
रिटायर होने तक जारी रहेगी परेड
26 जनवरी परेड में युवाओं को मौका दिया जाता है, लेकिन नेवी रमेश को रिटायर होने तक यह मौका दे सकती है। रिटायरमेंट में 2 साल हैं। ट्रेनिंग के 3 साल हटा दें तो पूरी सर्विस में उन्होंने हर साल परेड में हिस्सा लिया है।
हर शहर के युवाओं में भरा है जोश
52 वर्षीय रमेश ने देशभर में 150 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर सेना की धुन बजाई है। दिल्ली में नौसेना कमांडर पीवी एस सतीश बताते हैं कि उन्होंने सेना के तीनों अंगों में किसी को रमेश जैसा सम्मान पाते नहीं देखा है।