नई दिल्ली.दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निस्तारण फोरम ने पंचकुइया रोड स्थित दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट को इलाज में कोताही बरतने का दोषी पाते हुए उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा पचास हजार रुपए अदालती खर्च और उपचार के लिए वसूली गई दो लाख पैंतालीस हजार रुपए की राशि लौटाने का आदेश भी दिया है।
फोरम ने तीस हजारी स्थित जिला उपभोक्ता अदालत के वर्ष 2009 में इस मामले पर दिए गए निर्णय को सही मानते हुए अस्पताल को दोषी पाया और उक्त आदेश दिया। उपचाराधीन मरीज की 30 अप्रैल 2007 को मौत हो गई थी। शिकायत दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड में वित्त विभाग में उपमहाप्रबंधक के पद पर कार्यरत सुरेंद्र बब्बर ने दर्ज कराया था।
बब्बर ने जिला उपभोक्ता न्यायालय में दर्ज मामले में आरोप लगाया था कि दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट ने उनकी माता कौशल्या बब्बर के इलाज में कोताही बरती जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी माता को 23 अप्रैल 2007 को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी पहली एंजियोप्लास्टी 25 अप्रैल 2007 को की गई। डाक्टरों ने 27 अप्रैल को दूसरी एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय लिया।
दूसरी एंजियोप्लास्टी के बाद कौशल्या को गहन चिकित्सीय देखभाल की जरूरत थी। जबकि उन्हें वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जहां उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। 30 अप्रैल को अति गंभीर स्थिति होने पर उन्हें सीसीयू में स्थानांतरित किया गया जहां उसी दिन उनकी मृत्यु हो गई।इसके बाद बब्बर ने तीस हजारी स्थित जिला उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई।
उपभोक्ता अदालत ने 2009 में अपने आदेश में अस्पताल को दोषी पाया तथा अस्पताल पर एक लाख रुपया जुर्माना, पचास हजार रुपए अदालती खर्च के अलावा इलाज के वसूली गई दो लाख पैंतालीस हजार रुपए की राशि लौटाने का आदेश दिया। इस फैसले के खिलाफ अस्पताल ने राज्य उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में अपील की। राज्य आयोग ने भी अपने निर्णय में अस्पताल को दोषी पाया तथा जिला उपभोक्ता न्यायालय द्वारा दिए निर्णय को सही मानते हुए अस्पताल की अपील को खारिज कर दिया।
राज्य आयोग ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल के इस मामले को चिकित्सा बोर्ड में भेजने की दलील को भी खारिज कर दिया कि दोषी अस्पताल के अपने रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि रोगी को गहन देखभाल और चिकित्सा की आवश्यकता थी जो उसे उपलब्ध नहीं कराई गई।