नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में इस बार 13 हजार 850 मतदाताओं ने कम नाेटा का बटन दबाया। इससे जाहिर होता है कि इस बार नोटा के प्रति लोगों की रूचि कम थी। इस बार नोटा पर कुल 35 हजार 924 मतदाताओं ने बटन दबाया, जबकि पिछली बार ऐसे मतदाताओं की संख्या 49 हजार 774 थीं।
2013 में पहली बार निर्वाचन आयोग द्वारा ईवीएम में नोटा (कोई विकल्प नहीं) बटन लगाया गया था। उस चुनाव में विकासपुरी सीट पर सबसे अधिक 1426 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया, इस बार मटियाला सीट पर 1102 मतदाताओं ने नोटा दबाया। विकासपुरी में इस बार 790 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। पिछले चुनाव में मटिया महल में सबसे कम 296 लोगों ने नोटा दबाया था, इस बार भी मटिया महल सीट पर सबसे कम 203 लोगों ने नोटा पर वोट किया।
इस बार 700 से अधिक नोटा वोट पाने वाली विधानसभाओं में करवाल नगर में 888, बवाना में 870, किराड़ी में 840, नरेला में 767, बादली 713, रिठाला में 705 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। पिछले विधानसभा चुनाव में गोकलपुर में 1338, बवाना में 1217, सुल्तानपुर माजरा में 1232, राजौरी गार्डन में 1194, नांगलोई जट में 1171, उत्तम नगर में 1041, रिठाला में 1023 लोगों ने अपनी विधानसभा में सभी प्रत्याशियों को नकारा था।