पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नर्सरी दाखिला: स्कूलों ने बनाए अपने-अपने नियम, अभिभावक परेशान

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली. नर्सरी दाखिला प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों को खासी समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। कुछ स्कूलों ने दाखिले को लेकर अपने नियम बना लिए हैं। लोधी रोड स्थित सरदार पटेल स्कूल ने 100 प्वाइंट का अपना दाखिला फार्मूला जारी किया है, जो स्कूल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। जिसमें 0 से 8 किलोमीटर के 20 प्वाइंट निर्धारित किए हैं और 15 से 20 किमी दूर से आने वालों के लिए 10 प्वाइंट नेबरहुड के निर्धारित किए हैं। जबकि उपराज्यपाल व शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए 70 प्वाइंट निर्धारित किए हैं। स्कूल ने सिबलिंग में माता और पिता के लिए पांच-पांच प्वाइंट निर्धारित किए हैं। इसके अलावा फस्ट बॉर्न चाइल्ड व स्पेशल अचीवमेंट कला व संस्कृत पर भी प्वाइंट निर्धारित किए हैं, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।

धौला कुआं स्थित स्प्रिंग डेल्स स्कूल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद जब अभिभावक फार्म जमा कराने जा रहे हैं तो उनसे नेबरहुड के तहत गूगल मैप मांगा जा रहा है, इसके बिना फार्म लेने से मनाही की जा रही है। बच्चे का दाखिला फार्म जमा कराने पहुंचे मनीष ने कहा कि स्कूलों की इस तरह की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए।

ऐसे ही लोधी स्टेट स्थित श्यामा प्रसाद स्कूल में रजिस्ट्रेशन फार्म तभी दिया जा रहा है, जब अभिभावक से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र देख लिया जाता है। स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों की समस्या पर जब शिक्षा निदेशक पद्मिनी सिंघला से बात की तो उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय को अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं और जोन व जिले के शिक्षा अधिकारियों को इन शिकायतों पर शीघ्रता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावक अपनी शिकायतें जोन के शिक्षा अधिकारी के पास कराएं और शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश :

तय सीटों से अधिक दाखिला आवेदन आने पर स्कूल दाखिले के लिए ड्रॉ निकाल सकेंगे, यह ड्रॉ इलेक्ट्रॉनिक या सॉफ्टवेयर बेस न होकर मेन्युअल होगा। ड्रॉ के समय अभिभावक मोबाइल ले जा सकेंगे और वीडियोग्राफी कर सकेंगे। स्कूल प्रबंधन भी इसकी वीडियोग्राफी कराए। शिकायत मिलने पर ड्रॉ की वीडियो को पारदर्शिता के लिए सबूत के तौर पर लिया जाएगा। जुड़वां बच्चों को सिबलिंग की वैटेज दी जाए।

शिक्षकों के लिए हफ्ते में 45 घंटे कार्य अनिवार्य:

दिल्ली की अतिरिक्त शिक्षा निदेशक मधु रानी ने शुक्रवार को निर्देश जारी करते हुए स्कूलों में शिक्षण का समय निर्धारित करते हुए कहा है कि हर शिक्षक को हफ्ते में 45 घंटे कार्य करना अनिवार्य है। जिन स्कूलों में सिंगल शिफ्ट चल रही है वहां सुबह 7.15 से दोपहर 2.45 बजे तक ड्यूटी अनिवार्य है। जबकि दूसरी पाली के स्कूलों में शिक्षकों का ड्यूटी टाइम अब दोपहर एक बजे की बजाए सुबह 10.45 से शाम 6.15 किया गया है।