नई दिल्ली. तिहाड़ के कुख्यात अपराधी अब मंडोली की सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किए जाएंगे। यह वह अपराधी हैं, जिन्हें हाई-सिक्योरिटी में रखा गया है। सेंट्रल जेल की क्षमता 3750 है, जबकि तिहाड़ की कैदी क्षमता 6 हजार है लेकिन यहां बंद हैं करीब 12 हजार कैदी। यह जानकारी रविवार को दिल्ली के मुख्य सचिव डीएम सपोलिया ने दी। वह निर्माणाधीन सेंट्रल जेल का दौरा करने मंडोली जेल काम्प्लैक्स पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है और अगले माह भी वह निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए जेल काम्प्लैक्स का दौरा करेंगे। फिलहाल सेंट्रल जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है, जिसके पूरा होते ही यहां कैदियों को शिफ्ट किया जाना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल्द ही सेंट्रल जेल के लिए विभिन्न श्रेणियों में 747 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रक्रिया दिल्ली अधीनस्थ चयन बोर्ड करेगा। इस बारे में बोर्ड के चेयरमैन को भी निर्दिष्ट किया गया है। सेंट्रल जेल 68 एकड़ में बन रही है। जिसमें 6 जेल होंगी। बता दें कि तिहाड़ में 9 जेल हैं। इस मौके पर उनके साथ प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम अर्चना अरोड़ा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी वित्त डा. एमएम कुट्टी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरुण बरो का, स्पेशल सेक्रटरी होम, डीजी प्रिजन आलोक वर्मा, डीआईजी जेल कुलदीप के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सपोलिया ने बताया कि सरकार की बापरौला,नरेला में भी ओपन जेल बनाने की योजना है।
बापरौला में नई जेल के लिए सरकार को जमीन भी मिल गई है। ओपन जेल की योजना कैदियों को फ्री माहौल देकर उनमें सामाजिक जिम्मेदारियों का अहसास कराना है। जिससे वह अपने को कैदी न समझकर किए गए अपराध की सजा भुगतते हुए अपने में सुधार की सोचें। क्योंकि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ किसी व्यक्ति को जेल में बंद करने की बजाए उससे काम लेकर उसमें सुधार करना ज्यादा बेहतर है।
मंडोली सेंट्रल जेल का निर्माण कार्य तेज करने का निर्देश
दिल्ली के मुख्य सचिव डीएम सपोलिया ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को तिहाड़ जेल से भीड़ कम करने के लिए मंडोली जेल का निर्माण कार्य तेज करने का निर्देश दिया है। निर्माणाधीन जेल का निरीक्षण करने गए सपोलिया ने मंडोली जेल को जल्द शुरू करने पर बल दिया। 68 एकड़ जमीन पर फैली मंडोली जेल अत्याधुनिक होगी और उसमें 3750 कैदियों को रखने की क्षमता होगी।