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एक फरवरी को खुले कोर्ट में होगी भुल्लर की याचिका पर सुनवाई

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी देविंदर पाल सिंह भुल्लर की पुनर्विचार याचिका स्वीकार कर ली है। शुक्रवार को इस पर खुले कोर्ट में सुनवाई होगी। उसकी पत्नी नवनीत कौर ने कोर्ट से फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की गुहार लगाई है। इससे पहले कोर्ट ने 12 अप्रैल 2013 को भुल्लर की याचिका ठुकरा दी थी।

कहा था कि दया याचिका पर फैसले में देरी फांसी माफ करने का आधार नहीं हो सकता। लेकिन, 21 जनवरी 2014 को कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। दया याचिका पर फैसले में देरी व मानसिक रोगों के आधार पर 15 कैदियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला दिया।