नई दिल्ली.सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार की शाम से एक बार फिर अपनी पुरानी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। एकाएक हुई इस हड़ताल से अस्पताल में अव्यवस्था फैल गई और मरीज इधर उधर इलाज के लिए भटकते रहे। उधर दिल्ली सरकार के अस्पतालों अस्थाई कर्मचारी भी सुबह ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
सफदरजंग अस्पताल में हड़ताल की अगुआई कर रहे डॉ समीर प्रभाकर ने कहा कि हमें अस्पताल प्रशासन की तरफ से पिछले मंगलवार को यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों को सात दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन शाम तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद आज से फिर डॉक्टरों ने अपना हड़ताल शुरू कर दी है। सफदरजंग अस्पताल के प्रवक्ता एनएस मकवाना ने कहा कि अस्पताल प्रशासन और हड़ताली डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी है। रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग है कि नियमित वेतन, हॉस्टल की व्यवस्था, डॉक्टरों खासतौर पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा की व्यवस्था व पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में कार्यरत अस्थाई कर्मचारी स्थाई करने की मांग को लेकर सुबह से ही हड़ताल पर चले गए। उन्होंने वर्षो से अस्पतालों में खाली पड़ी सीटों को भी जल्द से जल्द भरने की भी मांग की। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हड़ताल पर चले जाने की वजह से अतिरिक्त कर्मचारियों को तीन-तीन शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है।
जो कर्मचारी ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं उन्हें मेमो भी जारी किया गया है जिससे प्रशासन और कर्मचारियों के बीच कहासुनी की घटना भी हुई है। कुछ समय पहले भी अस्थाई कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल की थी।