नई दिल्ली. दो दिन बाद नवरात्र शुरू होने वाले हैं और उससे पहले आलू के दाम आसमान छूने लगे हैं। आलू के थोक व्यापारियों की मानें तो आलू की कीमत नवंबर से पहले कम नहीं होने वाले हैं। क्योंकि नवंबर में आलू की नई फसल आएगी, जो पंजाब में बारिश होने के चलते लेट हो गई है। इसलिए स्टॉक में रखा आलू बेचा जा रहा है, जो महंगा है।
फुटकर में आलू 35 से 45 रुपये किलो बिक रहा है। जबकि थोक में 16.07 से 32.14 रुपये किलो है। आलू के बढ़ते दामों पर दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति आयुक्त एसएस यादव ने कहा कि अभी विभाग आलू के दामों पर निगरानी रखे हुए है। अगर जरूरत पड़ी तो आलू के स्टॉक को सीमित किया जाएगा। क्योंकि अभी व्यापारियों के पास आलू के स्टॉफ पर कोई लिमिट नहीं है।
यादव ने कहा कि नवरात्रों में अगर आलू की कीमतें नियंत्रित नहीं होती तो कीमतें नियंत्रित करने के लिए विभाग फिर से कंट्रोल रेट पर आलू बेचेगा और लोगों को कंट्रोल रेट पर बिकने वाले आलू के दामों का एसएमएस भी भेजेगा।
मयूर विहार निवासी निर्मला देवी कहती हैं कि पिछले सप्ताह उन्होंने 25 रुपये किलो आलू खरीदे थे, लेकिन सोमवार सुबह जब आलू लेने घर के फुटकर बाजार में गई तो वहां आलू 35 से 45 रुपये किलो मिल रहा था। सब्जी विक्रेता महंगाई के पीछे तर्क दे रहे हैं कि नजदीक आ रहे त्यौहारी सीजन खासकर के नवरात्र और पीछे से आलू की कम आवक आने के कारण इसके दाम में बढ़ोत्तरी हुई है।