नई दिल्ली.गर्मी बढ़ने के साथ ही राजधानी में बिजली संकट शुरू हो गया है। एक तो पहले से ही मांग एवं आपूर्ति में अंतर था दूसरी तरफ दो पॉवर प्लांट में आई तकनीकी खराबी ने स्थिति को और भी खराब कर दिया जिसकी वजह से बुधवार को कई इलाकों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। इसकी वजह राजधानी को 600 मेगावाट बिजली का नहीं मिल पाना है।
दरअसल बुधवार की रात एकाएक दादरी पॉवर प्लांट के दो यूनिट में खराबी आ गई। इसे जबतक ठीक किया जाता तब तक बुधवार सुबह बदरपुर पॉवर प्लांट का एक युनिट बंद हो गया। दादरी पॉवर प्लांट से 400 मेगावाट और बदरपुर पॉवर प्लांट से 250 मेगावाट बिजली मिलती है। इन यूनिटों के खराब होने की वजह तकनीकी खामियां बताई जा रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इनकी मरम्मत शनिवार शाम तक कर ली जाएगी। लेकिन इसके बाद भी कुछ दिनों तक बिजली संकट के बने रहने की संभावना है। उधर बुधवार से उत्तम नगर, एनडीएमसी क्षेत्र, साकेत, मालवीय नगर, साउथ एक्सटेंशन सहित दिल्ली के अलग अलग क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित रही जिसकी वजह से लोगों को भीषण गर्मी से जूझना पड़ रहा है। जबकि समर एक्शन प्लान में दिल्ली सरकार यह कह रही थी कि इस साल लोगों को गर्मियों में बिजली कटौती से नहीं जूझना पड़ेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पावर बैकअप दुरुस्त रखा जाएगा।
ट्रांसको के मुताबिक, गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। गुरुवार को अधिकतम मांग 4517 मेगावाट तक रही और ओवर ड्रॉल 4337 मेगावाट रहा। इसमें से दिल्ली से 1360 मेगावाट जबकि केंद्र सेक्टर स्टेशन से 3157 मेगावाट विदड्रॉ किया गया।
जल बोर्ड का दावा, गर्मी में नहीं होगी पानी की किल्लत : दिल्ली जल बोर्ड
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने कहा है कि इस साल दिल्ली गर्मियों में प्यासी नहीं रहेगी क्योंकि बोर्ड ने पूरी व्यवस्था कर ली है। डीजेबी की प्रवक्ता के अनुसार, जिन-जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या रहती है उनपर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही उन इलाकों की पहचान की जा रही है जहां अबतक पानी की समस्या है।
जल बोर्ड ने बताया कि मुनक नहर को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए भारत सरकार और हरियाणा सरकार के साथ हल निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। यइस साल 41 अनधिकृत कॉलोनियों में पानी की लाइनें डाल दी गई हैं और साल के अंत तक 126 अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान कर लाइनें बिछा दी जाएंगी। पानी की स्वच्छता को ध्यान में रखकर 200 एमएम की पुरानी पाइप लाइनें बदलने के साथ 333 बड़े रिसावों की मरम्मत भी कर दी गई है। अगर कहीं पानी की किल्लत होती है तो जीपीएस युक्त पानी के 400 नए टैंकर उपभोक्ताओं को निश्चित समय पर मुफ्त में पानी उपलब्ध कराएंगे।
इसके बावजूद यदि किसी को शिकायत हुई तो उपभोक्ता जलबोर्ड से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा सिंचाई, बागवानी, पॉवर प्लांट व अन्य कामों के लिए अलग से 142 मिलियन गैलन पानी उपलब्ध किया जा रहा है। पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए 12 प्रयोगशालाओं में दैनिक रूप से जांच के आदेश दिए गए हैं। संगम विहार स्थित कॉलोनियों में पेयजल के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है।