पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Prevent Stroke In The Country, The Government Will Prepare Every Doctor

स्ट्रोक से बचाने के लिए देश में हर डाॅक्टर को तैयार करेगी सरकार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली. देश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों के डाॅक्टरों को अब स्ट्रोक से बचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। देश में बदलते जीवनशैली के साथ ही गैर-संक्रामक रोगों के मामलों में बढ़ोतरी देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ग्रामीण और शहरी इलाकों से सभी डाॅक्टरों को ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। बहुत जल्द इस कार्यक्रम की शुरुआत होने वाली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंशु प्रकाश ने कहा ‘देश में प्रतिवर्ष स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। अगर वक्त रहते मरीजों को सही इलाज मिल जाए तो स्ट्रोक की वजह से होने वाले लकवा और दिमागी बीमारियों को बहुत हद तक रोका जा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सभी ग्रामीण और शहरी इलाकों में काम करने वाले डाॅक्टरों को स्ट्रोक से बचाने के लिए खास ट्रेनिंग देने का फैसला किया है।’
संयुक्त सचिव ने आगे बताया कि सभी तैयारियां हो चुकी है। बहुत जल्द सभी राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा। मामले से जुड़े मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। डाॅक्टरों को स्ट्रोक से संबंधित संकेतों के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा मरीजों में लक्षण मिलते ही तुरंत जिला अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी। अगर वक्त पर स्ट्रोक के लक्षणों को सीटी-स्कैन और अल्ट्रासाउंड से पहचान लिया जाए तो मरीजों को कई गंभीर समस्याओं से बचाने में मदद मिलेगी।
देश के लिए कितनी गंभीर चुनौती है स्ट्रोक
हाल ही में जरनल ऑफ स्ट्रोक में छपे एक लेख के अनुसार भारत के शहरी इलाकों में प्रति एक लाख की आबादी में से 262 लोगों इस बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में प्रति लाख लोगों में से 424 लोग स्ट्रोक की वजह से विभिन्न बीमारियों के चपेट में आ चुके हैं।
अन्य देशों की तुलना में भारत जैसे विकासशील देशों में स्ट्रोक के मामलों में दस गुना बढ़ोतरी देखने को मिली है।
हाल ही में लैंसेट पत्रिका के अनुसार 1990-2010 के बीच एक तिहाई स्ट्रोक के मामले अब 26-64 उम्र के लोगों में देखने को मिल रहा है।
धूम्रपान, खान-पान और आधुनिक जीवन शैली को स्ट्रोक का सबसे महत्वपूर्ण कारण माना जाता है।