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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। दिन हो या रात हर वक्त मेरे दिल में तिरंगा लहराता है। तिरंगे को फहराने के लिए मेरा दिल किसी समय का मोहताज नहीं है। यह कहना है कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का। राहुल गांधी फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा इंडिया गेट पर आयोजित महात्मा के पथ पर सद्भाव संध्या कार्यक्रम में तिरंगे को फहराने के समय और नियमों को लेकर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
दरअसल, सांसद नवीन जिंदल से तिरंगा फहराने के नियमों के बाबत सवाल पूछा गया। नवीन जिंदल का जवाब था कि पूरे विश्व में झंडे को सूर्योदय के समय लगाया जाता है और सूर्यास्त के समय उतार दिया जाता है। फ्लैग कोड ऑफ इंडिया कहता है कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाए। अगर गलती से रात में भी न उतार पाए तो न ही कोई झंडे का अपमान है और न ही कोई उल्लंघन है। नियमानुसार सौ फीट से अधिक ऊंचाई वाले झंडे को प्रकाश के साथ रात में भी फहराया जा सकता है। विश्व के सबसे ऊंचे झंडों में भारत के 45 ऐसे झंडे हैं जिनकी ऊंचाई सौ फीस से दो सौ फीट के बीच है। ये झंडे अनवरत फहराते रहते हैं।
जिंदल का जवाब सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि मेरी सोच झंडे के बारे में थोड़ी अलग है। यह झंडा दिल में रहता है। यह रात को फहराता है, यह सुबह फहराता है और यह पूरी जिंदगी भर फहराता है। दूसरी बात, गांधी जी ने दो चीजें कही थीं-सत्य और अहिंसा। इस झंडे में ये दो चीजें हैं। झंडा हमसे कहता है कि हमें सिर्फ अपना सत्य नहीं देखना चाहिए। हर एक हिन्दूस्तानी का सत्य देखना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जतिन प्रसाद, क्रिकेटर आशीष नेहरा, अभिनेता जान अब्राहम और खिलाड़ी दीपा मलिक, हिना सिंह, विजय कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान गायिका सुनिधि चौहान ने 'ये मेरे प्यारे वतन' गीत से संगीत संध्या की शुरुआत की।
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