पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ये है मिनी इंडिया, तस्वीरों में देखें थल सेना और वायुसेना की ताकत की झलक

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस की परेड की गुरुवार को फुलड्रेस रिहर्सल हुई जिसमें भारत की सांस्कृतिक धरोहर, लड़ाकू विमानों का कौशल और सैन्य बलों द्वारा मार्च पास्ट का नजारा देखने को मिला। रिहर्सल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस दौरान सेना और पुलिस बलों ने रायसीना हिल्स से लालकिले तक मार्च किया। परेड की रिहर्सल की शुरुआत सेना चार हेलीकॉप्टरों के तिरंगा और थलसेना, वायुसेना तथा नौसेना के झंडों के साथ राजपथ के ऊपर उड़ान भरने से हुई। इस मौके पर भारत की सैन्य क्षमता देखने को मिली जब देश के पहले स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस और टी 90 भीष्म, ब्रह्मोस और एमबीटी अर्जुन एमके टू का प्रदर्शन किया गया। अत्याधुनिक हथियारों वाली प्रणाली के साथ सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों और एनसीसी कैडेट की टुकडिय़ों ने लयबद्ध तरीके से बैंड की धुन पर मार्च किया।

ऊंट की पीठ पर बैठकर संगीत की धुन निकालते सुरक्षाकर्मियों ने दर्शकों को खासा ध्यान खींचा। राजपथ पर इस मौके पर विभिन्न प्रदेशों और मंत्रालयों की झांकियां देखने को मिली जो खुद में मिनी इंडिया का बोध करा रही थीं। राज्यों की 13 झांकियों और विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों की पांच झांकियों ने देश की आर्थिक वृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास का अद्भुत नजारा पेश किया। सुबाह ए बनारस नाम की पहली झांकी उत्तर प्रदेश की थी। इस झांकी में बनारस शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पेश की गई। पहली बार, रेल मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में स्थित देश की सबसे लंबी यातायात सुरंग पीर पंजाल सुरंग के निर्माण को दिखाया। रेल मंत्रालय के अलावा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, कृषि एवं आदिवासी मामलों के मंत्रालयों सहित अन्य मंत्रालयों ने अपनी झांकियां पेश कीं। इस वर्ष परेड में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, अरूणाचल प्रदेश, कर्नाटक, मेघालय, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और चंडीगढ़ भाग ले रहे हैं। बहादुरी पुरस्कारों से सम्मानित 25 बच्चों ने भी भाग लिया। परेड की समापन वायुसेना के विमानों द्वारा हवाई करतब से हुआ।

आगे की स्लाइड में देखिए रिपब्लिक डे की फुलड्रेस रिहर्सल की तस्वीरें...