नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव में
ज्यादातर एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी की अगुआई में सरकार बनने के अनुमान जता रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सूत्र बताते हैं कि संगठन अपने आंतरिक आकलन में इस नतीजे पर पहुंचा है कि दिल्ली में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। आकलन के मुताबिक बीजेपी को 34 सीटें मिलेंगी। आरएसएस के आकलन के मुताबिक दिल्ली की 70 सीटों में 16 पर बीजेपी को आम आदमी पार्टी से कड़ी टक्कर मिलेगी जबकि 20 पर उसकी हार होगी।
बहुमत से दूर रहने की वजह?
आरएसएस ने अपने आंतरिक आकलन में दिल्ली में बीजेपी को बहुमत से दूर रहने के लिए तीन बातों को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है। ये हैं-
किरण बेदी को सीएम कैंडिडेट बनाना
आरएसएस का मानना है कि
किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कर पार्टी ने बड़ी भूल की। किरण बेदी की सख्त प्रशासक की छवि से बीजेपी को कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि नुकसान हो गया।
नकारात्मक प्रचार
आरएसएस इस नतीजे पर पहुंचा है कि बीजेपी को नकारात्मक प्रचार महंगा पड़ा। संघ का मानना है कि आप के नेता अरविंद
केजरीवाल के खिलाफ कार्टून विज्ञापनों से बीजेपी को नुकसान हुआ।
दिल्ली यूनिट तैयार नहीं थी
आरएसएस यह भी मानता है कि दिल्ली में चुनाव के लिए बीजेपी की स्थानीय ईकाई पूरी तरह से तैयार नहीं थी। हालांकि, संघ ने आंतरिक सर्वे में बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं के काम काम की तारीफ की है।
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