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  • सरकारी कर्मचारियों की दफ्तर में अनुपस्थिति से सख्ती से निपटने की तैयारी

सरकारी बाबुओं को अब केवल काम के बदले वेतन, बायोमेट्रिक अटेंडेंस के जरिए मॉनिटरिंग

7 वर्ष पहले
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फोटो केवल प्रतीक के लिए इस्‍तेमाल किया गया है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार अब दफ्तर में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरतेगी। हर कर्मचारी की लगातार मॉनिटरिंग होगी। सभी को बायोमेट्रिक चिप लगा कार्ड दिया जाएगा। इसी से अटेंडेंस भी लगेगी, जो प्रमोशन और इन्क्रीमेंट का आधार बनेगी। नई व्यवस्था दिल्ली में 31 दिसंबर से और देशभर के केंद्रीय कार्यालयों में 26 जनवरी से लागू होगी।
कार्ड में लगी चिप एमटीएनएल और बीएसएनएल से लिंक होगी। इससे कर्मचारियों की लोकेशन का पता चलता रहेगा। दफ्तर आने-जाने से पहले बायोमेट्रिक सिस्टम में एंट्री करानी होगी। यानी कितनी बार आए और कितनी बार गए, यह भी दर्ज होगा। अटेंडेंस सिस्टम का हर तीन महीने में रिव्यू होगा। यदि बाबू की लापरवाही सामने आई तो सिर्फ इन्क्रीमेंट ही नहीं, बल्कि प्रमोशन भी रुक सकता है।
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आधा घंटा से ज्यादा लेट तो सिर्फ आधे दिन का वेतन
नई व्यवस्था के मुताबिक, आधा घंटा से ज्यादा लेट पहुंचने पर कर्मचारियों को आधे दिन का वेतन मिलेगा। रोज-रोज की देरी या अनावश्यक रूप से दफ्तर से गायब रहने वाले को 'लीव विदाउट पे' माना जाएगा।
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प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "नई व्यवस्था से कर्मचारियों की लेटलतीफी पर रोक लगेगी। बाबुओं को सिर्फ काम के बदले वेतन मिलेगा। लफ्फाजी के लिए नहीं।"
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