नई दिल्ली. एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को पद से हटाए जाने पर जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। शरद यादव ने कहा है कि संजीव चतुर्वेदी एक ईमानदार अधिकारी हैं, बावजूद इसके केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इन्हें पद से हटाना समझ से परे है। बता दें कि एक सप्ताह पहले भाजपा सांसद उदित राज ने भी संजीव चतुर्वेदी के पक्ष में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर उनकी तत्काल बहाली की मांग की थी।
शरद यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को 9 सितंबर को पत्र लिखकर कहा है कि संजीव चतुर्वेदी एक ईमानदार अधिकारी हैं और वह चतुर्वेदी को हरियाणा में तैनाती के समय से जानते हैं। शरद यादव ने यह भी लिखा है कि हरियाणा में तैनाती के दौरान संजीव चतुर्वेदी ने बड़े पैमाने पर घोटालों को उजागर किया है और इसी वजह से भारत की राष्ट्रपति ने कई बार इस अधिकारी की तारीफ करते हुए हरियाणा सरकार के गलत आदेशों में हस्तक्षेप किया।
जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ने कहा है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन को संजीव चतुर्वेदी के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई है। एम्स (आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के सीवीओ पद पर रहते हुए संजीव चतुर्वेदी ने संस्थान के कई घोटालों को उजागर किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। चतुर्वेदी ने तत्कालीन उपनिदेशक (प्रशासनिक) विनीत चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके अलावा शरद यादव ने भी इस अधिकारी के खिलाफ तत्कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
भ्रष्टाचार से सुर्खियों में रहता है एम्स
शरद यादव ने कहा है कि आए दिन भ्रष्टाचार की वजह से एम्स सुर्खियों में छाया रहता है। कई सांसदों ने भी भ्रष्टाचार के मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। शरद यादव ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने कभी भी संजीव चतुर्वेदी की नियुक्ति का विरोध नहीं किया। ऐसे में प्रधानमंत्री के इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की जरूरत है। उन्होंने आशा प्रकट की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए व्यक्तिगत
रुचि लेंगे।