नई दिल्ली. कालकाजी स्थित बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यालय में बुधवार को जश्न का माहौल था, क्योंकि कैलाश भाई जी सत्यार्थी को ओस्लो में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा था। ऊपर घर से लेकर नीचे दफ्तर में सभी बच्चे और सहकर्मी काफी उत्साहित नजर आए। यहां रेस्क्यू टीम के प्रभारी राकेश सेंगर ने बताया कि मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शाम को सभी ने कार्यालय में कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलने का लाइव टेलीकास्ट देखा। कार्यालय के बाहर बैंड बाजा और ढोल की थाप पर स्कूली बच्चे नाच रहे थे। कैलाश सत्यार्थी को नोबेल मिलने को लेकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। कार्यालय की सहकर्मी परोमा ने कहा कि यह देश के लिए गौरव का क्षण है। कैलाश भाई ने न केवल देश के बच्चों के अधिकार की लड़ाई लड़ी, बल्कि उन्होंने स्किल एजुकेशन देकर जीवन की नई राह दिखाई।
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फोटो : मंगल कुमार