नई दिल्ली. चौथी सबसे बड़ी चुनावी जीत दर्ज करने के बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद
केजरीवाल को पार्टी के संस्थापक सदस्य शांति भूषण ने बधाई नहीं देने का फैसला किया है। चुनाव के दौरान केजरीवाल पर 'वन मैन शो' पार्टी बनाने का आरोप लगाने वाले भूषण पार्टी की जीत से खुश हैं। लेकिन बधाई न देने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे विधायक चुने गए हैं, जो दागी हैं। कई ऐसे विधायक हैं जिन पर भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोप भी लगे हैं, फिर भी पार्टी ने उन्हें टिकट दिया।
दागियों को मंत्री नहीं बनाएं केजरीवाल
भूषण ने चुनाव के दौरान ही कहा था कि केजरीवाल ने जिस तरह से कैंडिडेट को टिकट दिया है, उससे साफ हो गया है कि वह किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। सूत्रों की मानें तो उन्होंने एक बार फिर केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी संयोजक के कहने पर कई लोगों को पैसे और शराब बांटने के लिए धन दिया गया। यह पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है। शांति भूषण ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी में 15-20 विधायकों की छवि खराब है। उन पर कई आरोप हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि केजरीवाल ऐसे दागी विधायकों को मंत्री नहीं बनाएंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि आप में अंदरूनी सुधार की जरूरत है।
काले धन पर रवैये और झूठे वादों के कारण हारी बीजेपी
शांति भूषण ने बीजेपी की करारी हार के लिए काले धन पर केंद्र सरकार के रवैये और झूठे वादों को कारण माना है। आप नेता ने कहा, "कम संख्या में ही सही लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान मुस्लिमों ने भी बीजेपी को वोट दिया। लेकिन मोदी साक्षी महाराज, आदित्यनाथ और प्राची जैसे नेताओं पर लगाम नहीं लगा सके।"
बता दें कि शांति भूषण ने
दिल्ली चुनाव प्रचार से दूरी बना ली थी और केजरीवाल के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाया था। उन्होंने अपने बयानों में
किरण बेदी को केजरीवाल से अच्छा मुख्यमंत्री प्रत्याशी तक कह दिया था। पार्टी के संरक्षक और सबसे बड़े दानदाता शांति भूषण ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता के लालची हो गए हैं। 'आप' के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने केजरीवाल को धोखेबाज बताते हुए पार्टी का संयोजक बदलने तक की मांग कर डाली थी।
'आप' के कई विधायकों हैं पर गंभीर आरोप
शांति भूषण के अलावा उनके बेटे प्रशांत भूषण ने कई दागी उम्मीदवारों को लेकर चुनाव के दौरान सवाल उठाया था। ओखला से विधायक बने अमानतुल्लाह खान पर सांप्रदायिक पोस्टर लगाने के आरोप हैं और इस बात को खुद केजरीवाल ने स्वीकार किया था। पालम से विधायक भावना गौड़ पर पार्टी फंड में घोटाले का आरोप है। मुनिरका और छतरपुर के विधायकों पर भी गंभीर आरोप हैं। तुगलकाबाद से 'आप' के विधायक सही राम पहलवान को बाहुबली माना जाता है। उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हैं। इसी प्रकार, बादली के विधायक अजेश यादव पर भी रियल एस्टेट का बड़ा एजेंट होने का आरोप लगा है। 'आप' के अन्य दागी विधायकों में नरेला से शरद चौहान, बवाना से वेद प्रकाश, सीलमपुर से हाजी इशराक अहमद शामिल हैं। बता दें कि ये सभी हाल में 'आप' में शामिल हुए हैं और इनके खिलाफ संपत्ति से जुड़े विवाद, जमीन हड़पने और चोरी जैसे मुकदमे दर्ज हैं।
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