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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. साउथ एमसीडी के एजुकेशन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म कर पारदर्शिता लाने व समय पर वर्दी देने के लिए साउथ एमसीडी ने ३.२० लाख छात्रों के घर जाकर ऑन स्पॉट बैंक अकाउंट खोलने का निर्णय लिया है। एसडीएमसी के इस निर्णय के बाद वर्दी, वजीफा के तहत मिलने वाले रुपए सीधे छात्रों के अकाउंट में पहुंचेंगे और छात्रों को राशि का भुगतान बैंकों के माध्यम से होगा। एसडीएमसी ने इसके लिए कई निजी और सरकारी बैंकों से समझौता किया है। बैंक सभी छात्रों का जीरो बैलेंस स्कीम के तहत अकाउंट खोलेंगे।
एसडीएमसी के स्कूलों मे पढऩे वाले छात्र बैंक अकाउंट के जरिए मिलने वाली सहायता राशि समय पर ले सकेंगे। इस निर्णय के बाद एक ही छात्रों द्वारा अलग-अलग स्कूलों में नाम लिखाकर वजीफा व वर्दी के लिए अलग-अलग रुपए लेने के साथ अन्य कई तरह के भ्रष्टाचार रुक जाएंगे। इसके साथ छात्र जब तक 18 वर्ष के होंगे, उसके बैंक का स्टेटमेंट भी मिल जाएगा जो छात्रों को बैंकों से एजुकेशन लोन दिलवाने में सहायक सिद्ध होंगे।
इनको मिलेगा लाभ
स्कूल : 588
छात्र : 3.30 लाख
इन बैंकों में खुलेंगे खाते
एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, पीएनबी बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, कॉरर्पोरेशन बैंक और दिल्ली नागरिक सहकारिता बैंक।
॥एसडीएमसी के सेंट्रल, ग्रीन पार्क, पश्चिमी, नजफगढ़ समेत कुल चार जोनों के स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों का अलग-अलग बैंक अकांउट खोला जाना है। पश्चिमी जोन के 2500 छात्रों का बैंक अकाउंट खोलकर उन्हें पासबुक दिया चुका है। छात्रों को बैंक अकाउंट खोलने का कार्य तेजी से जारी है। मौजूदा समय में छात्रों को दी जाने वाली सहायता राशि कैश के रूप में प्रदान करती है। कैश राशि लेने के लिए उनके छात्रों के अभिभावकों को स्कूल के चक्कर काटने पड़ते हैं। बैंक अकाउंट खुलने के बाद उन्हेंं स्कूल के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
राजेश पाठक, एजुकेशन डायरेक्टर, साउथ एमसीडी
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