नई दिल्ली.परिचालन बंद रहने के दौरान सुरक्षा पर खर्च राशि को लेकर सीआईएसएफ और एयरपोर्ट मेट्रो के बीच गतिरोध उत्पन्न हो गया है। एयरपोर्ट मेट्रो द्वारा भुगतान में आनाकानी से नाराज सीआईएसएफ ने इस मसले को गृह मंत्रालय के पास भेज दिया। इस पर गृह मंत्रालय ने डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) को जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाने के लिए कहा है। साथ ही, मंत्रालय ने डीएमआरसी और एयरपोर्ट मेट्रो को सचेत करते हुए कहा है कि मामला नहीं सुलझने पर मेट्रो द्वारा जमा कराई गई गारंटी राशि से उक्त राशि को काट ली जाएगी।
मेट्रो सूत्रों के अनुसार सीआईएसएफ और एयरपोर्ट मेट्रो के बीच छह महीने के दौरान सुरक्षा पर आए खर्च को लेकर विवाद है। इन छह महीनों के दौरान एयरपोर्ट मेट्रो का परिचालन मरम्मत कार्य के लिए बंद कर दिया गया था। सीआईएसएफ ने इन छह महीनों के दौरान उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था के एवज में 12 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए कहा था। वहीं इस मामले में सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि एयरपोर्ट मेट्रो की संवेदनशीलता को देखते हुए परिचालन बंद होने के बाद सीआईएसएफ के जवानों को चौबीसों घंटे मेट्रो लाइन पर मुस्तैद रखा गया था।
हालांकि इस दौरान अनावश्यक सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया था। सूत्रों के अनुसार मेट्रो ने सुरक्षा पर होने वाले खर्च पर रियायत देने की मांग की और कहा है कि रियायत नहीं मिलने पर शहरी विकास मंत्रालय द्वारा इस खर्च को वहन किया जाना चाहिए।