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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट देविंदरपाल सिंह भुल्लर की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने के मुद्दे पर फिर विचार करेगी। करीब 10 माह पहले शीर्ष कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने से इनकार कर दिया था। इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है। इसमें कहा है कि दया याचिका पर फैसले में देरी व दोषी की मानसिक स्थिति को देखते हुए मौत की सजा उम्रकैद में बदली जा सकती है। इस निर्णय के बाद भुल्लर की पत्नी ने क्यूरेटिव पिटीशन लगाई है।
चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह 28-29 जनवरी को इसपर सुनवाई करेगी। याचिका पर नोटिस जारी किए जाएंगे। भुल्लर की पत्नी की ओर से वकील केटीएस तुलसी ने बेंच के सामने यह मसला पेश किया।तुलसी ने भुल्लर के मानसिक तौर पर बीमार होने का उल्लेख करते हुए उसके मेडिकल टेस्ट कराने के निर्देश देने का आग्रह किया।
खारिज हो चुकी है अर्जी
भुल्लर की पत्नी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की अपील सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 12 अप्रैल को खारिज कर दी थी। इस याचिका में दया याचिका के निपटारे में देरी को आधार बनाया गया था। भुल्लर को 1993 के दिल्ली बम विस्फोट मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। इस घटना में नौ सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
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