नई दिल्ली. राजेंद्र नगर स्थित विद्या भवन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शारीरिक शिक्षा की टीचर ने ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा के बैग से
मोबाइल मिलने पर इतनी पिटाई की कि उसके एक कान का पर्दा फट गया और दूसरे कान में गंभीर चोट आई हैं।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों ने चोटिल बच्ची की एमएलसी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है और पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली है। इस बारे में जब भास्कर संवाददाता ने दिल्ली सरकार की शिक्षा निदेशक पद्मिनी सिंघला को एसएमएस करने के अलावा कई बार मोबाइल पर संपर्क किया तो उनसे बात नहीं हो सकी। बताया यह भी जा रहा है कि स्कूल में अनियमित्तताअों के चलते स्कूल प्रिंसिपल को जेल हो चुकी है और शिक्षा निदेशालय के अधीन यह स्कूल चल रहा है। चोटिल छात्रा ने बताया कि सोमवार को घर से स्कूल जाने में उसे देरी हो गई। बड़ी बहन 12वीं कक्षा में पढ़ती है और उसे स्कूटी चलानी आती है। ऐसे में मां ने मामा की स्कूटी देकर कहा कि देर मत करो और स्कूल पहुंचो साथ ही स्कूटी से सही सलामत स्कूल पहुंचने पर सूचित करने के लिए मोबाइल फोन भी दिया। जब हम स्कूल पहुंचे तो प्रार्थना में राष्ट्रीय गान हो रहा था। स्कूटी खड़ी करने के वक्त जल्दबाजी में फोन बैग में ही रह गया। क्लास में जब पीटी मैडम का पीरियड आया तो उन्होंने बैग चैक किए। बैग में मोबाइल मिलने पर मैडम ने मेरे बाल पकड़कर कानों पर दोनों तरफ ताबड़तोड़ थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।
मैंने मैडम से कहा भी कि मैडम मैं मोबाइल क्यों लाई हूं एक बार मॉम से बात कर लो।
पर मैडम ने मेरी बात सुनने की बजाए मां को भी भला-बुरा कहना शुरू किया। तबीयत खराब होने पर सहेलियां मुझे बड़ी बहन के पास ले गईं। बड़ी बहन मुझे स्कूटी पर एक सहेली के साथ बीच में बिठाकर पटेल नगर अस्पताल ले गई जहां चिकित्सकों ने कहा कि पुलिस यह केस है आप आरएमएल अस्पताल जाइए।
मैने तो बच्चियों को स्कूल सही सलामत पहुंचने की सूचना देने के लिए मोबाइल दिया था। मन में आशंका थी कि बच्चियां स्कूटी से दुर्घटना न कर बैठें। हम बलजीत नगर में रहते हैं और स्कूल राजेंद्र नगर में है। ताज्जुब तो इस बात का है कि क्या इतनी बड़ी बच्ची को कोई टीचर सारी क्लास के सामने इस तरह मारता है कि उसके कान का पर्दा फट जाए? क्या टीचर को बच्ची की बात सुनकर, मुझसे मोबाइल पर बात नहीं करनी चाहिए थी?