नई दिल्ली. चीन के राष्ट्रपति का विरोध कर रहे तिब्बतियों ने गुरुवार काे
हैदराबाद हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की सूचना मिलने के बाद पूर्वाह्न करीब 11.45 बजे भारी तादाद में प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए। ये प्रदर्शनकारी हैदराबाद हाउस के गेट संख्या तीन के बाहर एकत्रित होकर चीन विरोधी नारे लगाने लगे। पुलिस द्वारा इन प्रदर्शनकारियों को शांत करने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। हैदराबाद हाउस के मुख्य द्वार की ओर जाने का प्रयास करने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थित उत्पन्न हो गई। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वहीं तिब्बतियों के बड़े समूह ने धौलाकुआं के पास एकत्रित होकर चीनी राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को काबू से बाहर जाता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर वहां से उन्हें खदेड़ दिया।
बुधवार को चीनी दूतावास के बाहर हुआ था प्रदर्शन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के विरोध में तिब्बतियों ने बुधवार को राजधानी में चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। तिब्बतियों ने पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने तिब्बत की आजादी की भी मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम शी के भारत दौरे का विरोध कर रहे हैं। हम चीन से तिब्बत की आजादी चाहते हैं जहां मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं बढ़ रही हैं।’ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।’ प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने चीनी दूतावास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी।
अंदर भी गर्मजोशी पर हावी सीमा विवाद
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा का गुरुवार को दूसरा दिन था। मोदी-जिनपिंग के बीच तीन घंटे शिखर वार्ता हुई। सीमा पर बढ़ रहे तनाव का असर दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज पर भी दिखा। बुधवार को जो गर्मजोशी अहमदाबाद में थी, गुरुवार को दिल्ली में वह कम दिखी। अच्छी खबर यह आई कि चीन भारत में अगले पांच साल में 1,200 अरब रुपए का निवेश करेगा। इस बाबत 12 समझौते भी हुए। चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा का सिक्किम से नया मार्ग खोलेगा। हाईस्पीड ट्रेनें चलाने में भी मदद करेगा।
आगे की स्लाइड्स में देखिए प्रदर्शन की तस्वीरें।
सभी फोटो- भूपिंदर सिंह