नई दिल्ली. गुड़गांव के साइबर हब की तर्ज पर पूर्वी दिल्ली के कड़कडड़ूमा में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) योजना को विकसित किया जाएगा। पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होने वाले इस मेगा योजना के लिए डीडीए ने पूरी तैयारी कर ली है। शुक्रवार को राजनिवास पर आयोजित होने वाली डीडीए की उच्चस्तरीय बैठक में इस योजना के प्रस्ताव को रखा जाएगा। योजना की प्लानिंग के लिए तत्कालीन एलजी तेजेंद्र खन्ना ने यूटीपैक को जिम्मेदारी दी थी।
डीडीए उपाध्यक्ष बलविन्द्र कुमार के मुताबिक बोर्ड की अनुमति मिलते ही काम शुरू होगा। कड़कडड़ूमा को मिश्रित भू-उपयोग के तहत विकसित करने की योजना है। योजना के अंतर्गत कड़कडड़ूमा में गगनचुंबी इमारतें बनाई जाएंगी। इन इमारतों में आवास के साथ ही व्यावसायिक व कॉरपोरेट ऑफिस भी होंगे। इसके अलावा ओपन स्पेस होगा, जहां रेस्टोरेंट होंगे। जरूरत अनुसार इस परिसर में सभी तरह की सुविधाएं मुहैया होंगी।
हजारों संपत्ति होंगी फ्री होल्ड : करोलबाग और पहाड़गंज में लीज पर दी गई संपत्तियों को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इसके तहत उन संपत्तियों को फ्री होल्ड किया जाएगा, जिनका 90 साल की लीज समाप्त हो गई है।
करीब 100 साल पहले वर्ष 1910, 1912 व 1915 में वहां के लोगों को 90 साल की लीज पर संपत्तियां दी गयी थीं। यह समयसीमा समाप्त हो चुकी है। इससे सीलिंग की तलवार लटक गयी है। स्थानीय लोगों की बार-बार अपील पर इस अवधि को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन डीडीए ने लीज की सीमा बढ़ाने के साथ ही उन्हें फ्री होल्ड करने की योजना तैयार की है। बोर्ड से अनुमति मिलते ही फ्री होल्ड की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। इस तरह की संपत्तियों की संख्या हजारों में है।
क्या है टीओडी- चूंकि परिवहन और पर्यावरण की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने ट्रांजिट ऑरिएंटेड डेवलपमेंट (डीओडी) योजना के तहत दिल्ली को विकसित करने की योजना बनायी थी। इसके तहत दिल्ली में पांच इलाकों पीरागढ़ी से टीकरी कला, छतरपुर से अजुन पुर, द्वारका से द्वारका सेक्टर-9, नेहरू प्लेस से बदरपुर कॉरिडोर व कड़कडड़ूमा को चुना गया है।