नई दिल्ली। भाई की संपत्ति हड़पने के लिए एक शख्स ने अपने भतीजे और भतीजी की हत्या कर उन्हें गटर में फेंक दिया। करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी पुलिस और रिश्तेदारों को इस शख्स ने भतीजे और भतीजी की हत्या की भनक नहीं लगने दी। शुक्रवार को एटीएम में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में अपने रिश्तेदार के साथ घूम रहे इस शख्स की गिरफ्तारी के बाद दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। पूछताछ में पता चला कि सुरेश कुमार वर्मा नामक यह शख्स कमला नगर एटीएम लूट मामले में भी शामिल था। इससे, पहले वह एयरपोर्ट रोड पर एक टूर एंड ट्रेवल कंपनी के कैशियर के साथ लूटपाट कर चुका है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) रवींद्र यादव के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम को पता चला कि द्वारका इलाके में स्थित एक एटीएम में लूट के इरादे से दो लुटेरे पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सुरेश कुमार वर्मा और उसके रिश्तेदार प्रदीप वर्मा को .32 बोर के पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में इस शख्स ने अपने भतीजे और भतीजी की हत्या का खुलासा किया। सुरेश ने बताया कि 2013 में उसके भाई और भाभी की मृत्यु हो चुकी थी। जिसके बाद वह अपने भाई की संपत्ति हड़पना चाहता था।
भतीजे रोहित और भतीजी गुंजन की मौजूदगी में उसकी मंशा पूरा होना संभव नहीं था। इसी दौरान एक विवाद को सुलझाने के लिए सुरेश अपनी भतीजी गुंजन की ससुराल गया था। जहां उसने गुंजन को अपने साथ चलने के लिए कहा। कोड़ी कालोनी पहुंचने पर सुरेश ने गुंजन का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को एक गटर में डाल दिया। कुछ महीनों बाद सुरेश ने अपने भतीजे को इसी जगह लेकर मार दिया और शव को गटर में डाल दिया। सरिता विहार पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि 23 अक्टूबर और 20 दिसंबर को ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से एक युवक और युवती का शव बरामद किया गया था।