नई दिल्ली. जल्द ही आपके पड़ोस का केबल वाला आपके घर ‘ऑन डिमांड' ब्रॉडबैंड पहुंचाएगा। दूरसंचार मंत्रालय को उम्मीद है कि योजना क्रियान्वित होने पर तेज स्पीड ब्रॉडबैंड 200-300 रु. प्रति माह पर लोगों को 24 घंटे सुलभ हो सकता है।
इसके लिए दुनिया की लगभग आधा दर्जन कंपनियों ने दूरसंचार मंत्रालय के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत कर ली है। ये कंपनियां सरकार से लाइसेंस लेंगी और केबल वाले उनके डिस्ट्रिब्यूटर-डीलर की तरह उपभोक्ता के घर ब्रॉडबैंड पहुंचाने का कार्य करेंगे।
असल में दूरसंचार मंत्रालय नेशनल ऑप्टिकल फाइबर योजना के माध्यम से देश के सभी ग्राम पंचायत -गांव तक ब्रॉडबैंड पहुंचाना चाहता है। ऐसे में मंत्रालय शहरों में निजी कंपनियों को भी इस तरह का अवसर देना चाहता है। इससे उस पर आर्थिक दबाव कम होगा और सरकारी टेलीकॉम कंपनियां एमटीएनएल-बीएसएनएल पर प्रतिस्पर्धा का दबाव भी बढ़ेगा।