( सुलभ इंटरनेशनल का म्यूजियम )
दिल्ली। आगामी 27 दिसंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जाने वाला है। इस मौके पर dainikbhaskar .com आपके लिए भारत के कुछ ऐसी जगहों के बारे में बता रहा है,जहां पर आप छुट्टियों के दौरान घूमने जा सकते हैं।
दुनिया भर में कई तरह के म्यूजियम बने हुए हैं। किसी म्यूजियम में पुरातत्व महत्व की चीजें रखी है। तो कुछ में महान लोगो द्वारा उपयोग किए गए कपड़े संरक्षित किए गए हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसे म्यूजियम के बारे में बताने जा रहे हैं। जो अपने आप में अनोखा है। दिल्ली में सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित म्यूजियम में टॉयलेट के विभिन्न प्रकार रखे हुए हैं। इसमें कई देशों में उपयोग किए गए अलग अलग प्रकार के टॉयलेट शीट रखी हुई है। दुनिया भर में टॉयलेट के इतिहास के बारे में बताने वाले इस इकलौते म्यूजियम में भारत में राजाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले टॉयलेट शीट से लेकर विदेश में प्रयोग होने वाले इलेक्ट्रिक टॉयलेट शीट तक शामिल है।
56 देशों के लोगों की मदद से तैयार हुआ है म्यूजियम
इस म्यूजियम को तैयार करने 56 देशों के 100 से भी अधिक लोगों ने मदद की है। इसके साथ ही
इस म्यूजियम को बनाने के लिए 25 से अधिक विदेशी दूतावासों ने भी मदद की है। अमेरिका, ब्रिट्रेन, स्पेन के साथ नीदरलैंड की टॉयलेट कंपनियों ने भी अपने सामान यहां पर प्रदर्शन के लिए भेजे हैं।
आखिर क्यों बनाया गया ये म्यूजियम
1992 में इस म्यूजियम की शुरुआत की गई थी। हालांकि इसका औपचारिक उद्घाटन 1994 में किया गया था। सुलभ इंटरनेशनल द्वारा बनाया गया ये म्यूजियम अपने अनोखेपन की वजह से देश और दुनिया में प्रसिद्धि है। देश के अलावा बाहर से आने वाले सैलानी भी यहां घूमने आते हैं। इस म्यूजियम की स्थापना के पीछे कुछ गंभीर उद्देश्य भी हैं।
म्यूजियम के उद्देश्य
छात्रों को टॉयलेट के ऐतिहासिक बदलाव के बारे में जानकारी देना.
शोधकर्ताओं को टॉयलेट में प्रयोग किए जाने वाले डिजाईन, तकनीक के बारे में जानकारी प्रदान करना
टॉयलेट का निर्माण करने वाली कंपनियों को जानकारी प्रदान करना जिससे अच्छे उत्पाद बनाए जा सके.
सफाई के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों को जानकारी देना, जिससे इस क्षेत्र में सुधार किया जा सके.
आगे की स्लाइड्स में देखिए इस म्यूजियम की कुछ और तस्वीरें.....