पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • You Can Also Get A Map Of Registered Architects

रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से भी पास करा सकते हैं नक्शा, नियमों में संशोधन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली. प्रॉपर्टी कंवजर्न के लिए नक्शा पास कराने अथवा निर्माण आदि से संबंधित दस्तावेजों के अभाव में अब आपको डीडीए मुख्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीडीए के नए नियम के तहत रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से पास कराए गए दस्तावेज को मंजूरी मिल जाएगी और इसी आधार पर संपत्ति का कंवर्जन कर दिया जाएगा। हालांकि डीडीए ने यह भी शर्त रखा है कि यदि आर्किटेक्ट द्वारा पास किए गए नक्शे के बाद भी निर्माण में कोई कमी पाई गई तो निर्माण को गिराने के अलावा आर्किटेक्ट का रजिस्ट्रेशन भी कैंसल कर दिया जाएगा।
बता दें कि पिछले दिनों डीडीए ने प्रोपर्टी कंवर्जन के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया था। शिविर में आने वाले कुछ लोगों ने नक्शा पास कराने में आने वाली दिक्कतों के बारे में बताई। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेजों में से नक्शा व अन्य जरूरी दस्तावेज या तो गल गए अथवा गुम हो जाने की वजह से उपलब्ध नहीं हैं। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए डीडीए ने नया नियम बनाया है।
डीडीए प्रवक्ता के मुताबिक प्रोपर्टी से जुड़े दस्तावेजों में से नक्शा, निर्माण इत्यादि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने पर प्रोपर्टी धारक रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से पास कराया हुआ दस्तावेज जमा कर सकता है। इस दस्तावेज के आधार पर भी प्रोपर्टी कंवर्जन की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। हालांकि इस कार्य को अंजाम देने से पूर्व प्रोपर्टी से जुड़े अन्य दस्तावेजों की पड़ताल भी डीडीए अपने स्तर पर करेगा। साथ ही प्रोपर्टी पर किसी भी तरह का बकाया होने पर कंवर्जन का कार्य पूरा नहीं हो सकता है। इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
रिहायश बचाने के लिए डीडीए करेगा अपील
दक्षिण दिल्ली में यमुना खादर में रहने वाले हजारों लोगों को बुलडोजर से बचाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में अपील करेगा। फिलहाल दक्षिण दिल्ली में बदरपुर के पास स्थित मीठापुर और जैतपुर सहित कई इलाके ओ जोन के अंतर्गत आते हैं, यमुना खादर से अतिक्रमण हटाने को लेकर इन इलाकों के लोगों पर तोड़फोड़ की तलवार लटक रही है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को लेकर डीडीए ने बुधवार को विशेष बैठक बुलाई थी।
बैठक में डीडीए अधिकारियों के अलावा पर्यावरणविद भी शामिल थे। बैठक में फैसला लिया गया कि डीडीए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक सप्ताह के अंदर अपील करेगा और ट्रिब्यूनल से मांग करेगा कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं को देखते हुए इस एरिया को ओ जोन से बाहर कर दिया जाए। डीडीए वीसी बलविंदर कुमार का कहना है कि एनजीटी से अनुमति मिलने के बाद इन इलाकों में भी अनधिकृत कॉलोनियों की तर्ज पर विकास किया जाएगा। बता दें कि यमुना खादर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए उप-राज्यपाल का भी विशेष निर्देश है, ताकि नदी की धारा में कोई रुकावट न आए और नदी को प्रदूषणमुक्त किया जाए। इसके तहत नदी की धारा से दोनों ओर तीन-तीन सौ मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक लगाई गई है। लेकिन मीठापुर, जैतपुर जैसे कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पर काफी तादाद में लोग खादर में मकान बना लिए हैं। डीडीए द्वारा इस क्षेत्र को ओ जोन घोषित किए जाने से इन क्षेत्रों में विकास कार्य रोक दिया गया है। पिछले दिनों इस मामले को लेकर भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने धरना भी दिया था और डीडीए के इस फैसले का विरोध किया था।
नया नियम

नए नियम के अनुसार आवेदक यह स्पष्ट करते हुए शपथ पत्र देगा कि उसके पास संस्वीकृत भवन नक्शा(सेंक्शन बिल्डिंग प्लान) उपलब्ध नहीं है। इस आधार पर वह रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से पास हुए भवन-उप नियमों(बिल्डिंग बॉय लाज) के अनुरूप नक्शे की प्रति पेश करेगा। इसमें बिल्डिंग प्लान में भवन योजना की सभी स्वीकृत नियम (तल क्षेत्रफल अनुपात-एफ ए आर), अनुमत तलों की संख्या,वास्तविक तलों की संख्या,वास्तविक निर्माण तथा भवन का फोटो शामिल करना होगा। साथ ही बिजली विभाग की ओर से स्थाई कनेक्शन की एक प्रति भी जमा करनी होगी।