क्यों अंतिम संस्कार से पहले किन्नरों के शव को जूते- चप्पलों से पीटा जाता है?
शास्त्रों में स्त्री-पुरुष के साथ ही किन्नरों का भी काफी महत्व बताया गया है। महाभारत में अर्जुन एक वर्ष के लिए किन्नर बृहन्नला बने थे और युद्ध में शिखंडी की भी बहुत ही खास भूमिका थी। मान्यता है कि किन्नर को दान देने से हमारे सभी दुख दूर हो सकते हैं। इसी कारण अधिकतर लोग अपने घर आए किन्नर को खाली हाथ नहीं जाने देते हैं। किन्नर समुदाय समाज से अलग ही रहता है और इसी कारण आम लोगों में इनके जीवन, रहन-सहन और मृत्यु से जुड़ी परंपराएं जानने की जिज्ञासा बनी रहती है। किन्नर की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार बहुत ही गुप्त रूप से किया जाता है। यहां जानिए कैसे होता है किसी किन्नर की मृत्यु के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार...
Courtesy- NDC NEWS