अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपदा घोषित महामारी ईबोला के टीके का सफल परीक्षण। नए साल 2015 से आम लोगों को लगेगा।
नंबर 95 पर इसलिए क्योंकि:ईबोला को ऐसी लाइलाज बीमारी बताया गया है जिसकी कोई दवा या उपचार नहीं है। ऐसे में ईबोला की रोकथाम टीकों से करना ही एकमात्र प्रभावी विकल्प।
फैक्ट फाइल:
• अफ्रीकी देश लाइबेरिया और सिएरा लियोन, नाइजीरिया और गिनी में इबोला का सबसे ज्यादा कहर बरपा है।
• विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहायक महानिदेशक मैरी पौल गिनी ने कहा कि ईबोला के लाखों टीकों को संभवतः अगले साल की शुरुआत में इस्तेमाल में लाया जाएगा।
• पश्चिमी अफ्रिका के चिकित्सा कर्मियों और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दिसंबर में टीका लगाया जा रहा है।
• सीएडी3-जेडईपीओवी और आरवीएसवी-जेडईपीओवी दो टीकों के पहले दौर का क्लिनिकल परीक्षण अमेरिका, ब्रिटेन व माली में शुरू हुआ। प्रारंभिक परिणाम प्रभावी रहे।
• अमेरिका में इस संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रायोगिक स्तर पर एक दवा जेडमैप पर काम चल रहा है। दो रोगियों पर इसका सफल परीक्षण किया गया है।
• स्विट्जरलैंड, जर्मनी, केन्या, गैबॉन आदि देश भी टीके की सुरक्षा व प्रभाव पर परीक्षण शुरू करेंगे। अन्य 5 परीक्षात्मक टीकों का परीक्षण फरवरी 2015 में शुरू होगा।
• टीकों के उत्पादन पक्षों ने टीकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने का वादा किया, ताकि अगले साल टीके पर्याप्त हो सकें।